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Category Archives: ज्योतिष/धर्म

नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ छठ पर्व माता सीता ने मुंगेर में किया था छठ पर्व…

त्योहारों के देश भारत में कई ऐसे पर्व हैं,जिन्हें काफी कठिन माना जाता है और इन्हीं में से एक लोक आस्था का महापर्व छठ है जिसे रामायण और महाभारत काल से ही मनाने की परंपरा चली आ रही है।मंगलवार से

गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर ब्रजवासियों की भारी बारिश से रक्षा की थी भगवान श्रीकृष्ण…

दिवाली के अगले दिन मनाए जानेवाले गोवर्धन त्योहार को अन्नकूट पर्व भी कहा जाता है।इस दिन मंदिरों में कई तरह के खाने-पीने के प्रसाद बनाकर भगवान को 56भोग लगाए जाते हैं।इस दिन खरीफ फसलों से प्राप्त अनाज के पकवान और

माँ तुतला भवानी कैमूर पहाड़ी में बसी एक चमत्कारी मंदिर, मान्यता है की जो भी भक्त सच्चे मन से माता से मन्नत मांगता है उसका मन्नत अवश्य पूरी करती है माता….

बिहार के रोहतास जिला के तिलौथु के समीप कैमूर पहाड़ी में बसी हुई है एक चमत्कारी माता जो तिलौथू से करीब आठ कि०मी० की दूरी पर भिसरा से होते हुए रेडिया के समीप कैमूर पहाड़ी में ये चमत्कारी माता है। ये माता एक शक्तिपीठ माता है, जो

इस मंद‍िर में भक्‍त श‍िव जी को झाड़ू अर्पित करते है….

जी हां यह अनोखा श‍िव मंद‍िर मुरादाबाद-आगरा राजमार्ग पर सदत्बदी गांव में स्थित है।इस प्राचीन मंद‍िर को पातालेश्वर नाम से जाना जाता है।वैसे तो यहां पर साल भर भक्‍तों का आना जाना लगा रहता है,लेक‍िन सावन के महीने में भक्‍तों

इस साल शनि केवल उन्हीं को प्रताड़ित करेगा जो…

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित जातक के जीवन में मुश्किलें होना तो आम बात है।लेकिन शनि देव के राशि परिवर्तन करते ही पहले से साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रकोप झेल रहे जातकों के लिए मुश्किलें और भी बढ़ेेगी।ज्योतिषशास्त्र

अमरनाथ यात्री अमरनाथ दर्शन के लिए यात्री पथरीले रास्तों से होकर गुजरते हैं राज्य पुलिस के क़रीब 14 हज़ार जवानों को तैनात सेना की दो बटालियनों के अलावा सीआरपीएफ़ और बीएसएफ़ की 100 टुकड़ियों को तैनात किया….

अमरनाथ धाम साल में सिर्फ एक बार श्रद्धालुओं के लिए खुलता है।दर्शन के लिए हर साल देशभर से लाखों भक्त यहां पहुंचते हैं।कश्मीर की खूबसूरत वादियों से होकर गुजरने वाली यह यात्रा बेदह खतरनाक मानी जाती है।सोमवार रात अनंतनाग में

शिव और सावन का गहरा नाता, भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे आसान तरीका है शिवलिंग का अभिषेक…….

सावन का महीना और चारों और हरियाली।भारतीय वातावरण में इससे अच्छा कोई और मौसम नहीं बताया गया है।जुलाई आखिर या अगस्त में आने वाले इस मौसम में, ना बहुत अधिक गर्मी होती है और ना ही बहुत ज्यादा सर्दी।वातावरण को

यहां पर भगवान विष्णु ने लिया था अवतार, नाखून से बना दिए झील….

कहा जाता है कि यहां पर एक अवतारी पुरुष ने जन्म लिया था,स्थानीय मान्यताओं में उस अवतार को भगवान विष्णु का अंश माना जाता है।यह मंदिर कलाकृति और शिल्प का बेजोड़ नमूना हैं।इसे देखने के लिए लाखों लोग दुनिया के

माता कामाख्या देवी के मासिक धर्म के दौरान कैसे लाल हो जाती है ब्रह्मपुत्र नदी……?

मासिक धर्म,एक स्त्री की पहचान है,यह उसे पूर्ण स्त्रीत्व प्रदान करता है।लेकिन फिर भी हमारे समाज में रजस्वला स्त्री को अपवित्र माना जाता है।महीने के जिन दिनों में वह मासिक चक्र के अंतर्गत आती है,उसे किसी भी पवित्र कार्य में

जो किसी भी स्थिति में अपना उम्मीद नही छोड़ता, उसका भगवान् मदद करते है….

एक बार एक व्यक्ति रेगिस्तान में कहीं भटक गया।उसके पास खाने-पीने की जो थोड़ी बहुत चीजें थीं, वो जल्द ही ख़त्म हो गयीं और पिछले दो दिनों से वह पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा थावह मन ही

हनुमान चालीसा का हर रोज सात्विक मन से पाठ किया जाये तो आत्मा का परमात्मा से मिलन संभव है….

आज दिन की सुरुआत राम भक्त महाबलि हनुमान से करते है आप को बताते चले की भगवान राम के सबसे बड़े भक्त हनुमान जी हमेशा श्री राम की भक्ति में लीन रहते हैं सारा दिन प्रभु की सेवा में लगे

यहां उतरता था रावण का पुष्पक विमान…..

आज यानी 11 मई को प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी श्रीलंका के सबसे बड़े त्योहार वेसाक में शामिल होने के लिए श्रीलंका जाने वाले हैं। इंटरनेशनल डे ऑफ वेसाक’ 12 मई के 14 मई के दौरान कोलंबो में मनाया जाएगा, जिसका हिस्सा

खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है अक्षरधाम मंदिर, वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है नाम….

दिल्ली का स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर का नाम दुनिया के सबसे विस्तृत मंदिर के रूप में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में 2005 में दर्ज हुआ।यह खूबसूरत मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर होने के साथ ही, बहुत ही सुंदर,आकर्षक और

आखिर चाणक्य के मृत्यु का कारण क्या वे स्वयं थे या कोई और…?

आचार्य चाणक्य के जीवन से जुड़ी कई बातें उनका जन्म, उनके द्वारा अपने जीवन में किए गए महान कार्य जैसे कि अर्थशास्त्र जैसे महान ग्रंथ का लेखन करना,जिसमें उन्होंने जीवन के विभिन्न पहलुओं को हिम्मत से पार कर सकने का

हर अमावस की रात यहाँ के राजा विक्रमादित्य अपना शीश काटकर चढ़ाते थे, हरसिद्धि देवी मंदिर में…

मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित हरसिद्धि देवी का मंदिर देश की शक्तिपीठों में से एक है।ये वो देवी हैं जो राजा विक्रमादित्य की पूजनीय थीं और राजा अमावस की रात को विशेष पूजा अनुष्ठान कर अपना सिर

आइये जानते महादेव के बारे में, शिव त्रिदेवों में एक देव हैं।इन्हें देवों के देव भी कहते हैं।इन्हें महादेव, भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है। तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से भी जाना जाता है….।

शिव त्रिदेवों में एक देव हैं।इन्हें देवों के देव भी कहते हैं।इन्हें महादेव, भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है।तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से भी जाना जाता है।हिन्दू धर्म के प्रमुख देवताओं

दो माँ से आधा-आधा द्वापर युग में पैदा हुआ एक बालक, जिसका नाम पड़ा जरासंध…

जरासंध मथुरा के राजा कंस का ससुर एवं परम मित्र था।उसकी दोनों पुत्रियों आसित व प्रापित का विवाह कंस से हुआ था।श्रीकृष्ण से कंस वध का प्रतिशोध लेने के लिए उसने 17 बार मथुरा पर चढ़ाई की,लेकिन हर बार उसे

जानिये माता लक्ष्मी पूजन की सरल विधि

सामग्री…..देव मूर्ति के स्नान के लिए तांबे का पात्र, तांबे का लोटा, जल का कलश, दूध, देव मूर्ति को अर्पित किए जाने वाले वस्त्र व आभूषण। चावल, कुमकुम, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती, अष्टगंध। गुलाब के फूल। प्रसाद के लिए फल,

दुर्गाजी की सातवीं शक्ति कालरात्रि की पूजा है:-गुरु साकेत महाकाल मंदिर किशनगंज के पुजारी….

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।सर्व मंगलमंगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।शरण्ये त्र्यम्बके गौड़ी नारायणी नमोस्तुते।। हीं कालरात्रि श्री कराली च क्लीं कल्याणी कलावती। कालमाता कलिदर्पध्नी कमदीश कुपान्विता॥ कामबीजजपान्दा कमबीजस्वरूपिणी। कुमतिघ्नी कुलीनर्तिनाशिनी कुल कामिनी॥ क्लीं हीं श्रीं मन्त्र्वर्णेन कालकण्टकघातिनी।

आइये कुछ जानते है की नारद जी क्या कहते है कुरुश्रेष्ठ भूमि एवं सूर्य मंडल आदि के बारे में…..

नारद जी ने कहा-कुरुश्रेष्ठ भूमि से लाख योजन ऊपर सूर्य मंडल है।भगवान् सूर्य के रथ का विस्तार नौ सहस्त्र योजन है।इसकी धुरी डेढ़ करोड़ साढ़े सात लाख योजन की है।वेद  के जो सात छंद हैं वे ही सूर्य के रथ के सात अश्व

भारत में नहीं इंडोनेशिया में एक बड़ी चट्टान पर स्थित है ये मंदिर:-आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में….

वैसे तो दुनिया भर में अनेकों मंदिर हैं।इनकी चर्चा भी खूब है लेकिन क्या आप यकीन करेंगे कि इन्हीं मंदिरों में से देश से बाहर एक मंदिर ऐसा भी है जिसे देखने के लिए सैलानी खिंचे चले आते हैं।  

100 साल पुराने पेड़ से अचानक निकला शिवलिंग….

बाबा महाकाल की नगरी में हुई एक अद्भुत धार्मिक घटना से लोग अचंभित हैं।अखंड महाकाल कॉलोनी में स्थित 100 साल पुराने इमली के पेड़ के भीतर से एक शिवलिंग निकला है।यह घटना काफी पुराने इमली के पेड़ को काटे जाने

आइये जानते ही इतिहास के पन्नो से की, धरती पर जन्म लेनेवाला पहला मानव कौन था…

   पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक कहा जाता है कि भगवान ब्रह्मा इस सृष्टि के रचयिता है।मानव जीवन की उत्पत्ति भी उन्होंने ही की है।लेकिन मन में सवाल उठता है कि ब्रह्मा की बनाई हुई इस दुनिया में जन्म लेनेवाला सबसे

जानिये उज्जैन नगरी में स्तिथ, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की कहानी…

उज्जैन नगरी में स्तिथ महाकाल ज्योतिर्लिंग, शिव जी का तीसरा ज्योतिर्लिंग कहलाता है।यह एक मात्र ज्योतिर्लिंग है जो दक्षिण मुखी है। इस ज्योतिर्लिंग से सम्बंधित दो कहानियां पुराणों में वर्णित है जो इस प्रकार है। शिव पुराण की कोटि-रुद्र संहिता’ के

बजरंगवली हनुमान, पुराणों के अनुसार रहते हैं इस पहाड़ पर…

शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि 8 ऐसे लोग हैं जिन्हें चिरंजीवी यानी अमर होने का वरदान है। इनमें एक भगवान हनुमान भी हैं। भगवान राम और सीता से वरदान पाने के कारण हनुमान अमर हो गए।मान्यताओं के अनुसार,कैलाश पर्वत

अधोरियों की साधना का केंद्र–उज्जैन

अघोरी–ये शब्द सुनते ही एक सिहरन पैदा होती है।डर और कुतूहल का एक समिश्रित भाव,सदियों से ये एक रहस्य और समाज से दूर एक मानव समुदाय जो मानवीय गतिविधियों में बिलकुल विश्वास नहीं करता।पर विज्ञान और तंत्र ही उनकी पद्धति

सात ऐसे पौराणिक पात्र है जो हजारों साल से आज भी है जीवित…

आपने महाभारत और रामायण तो पढ़ा ही होगा, और साथ में लगभग सभी हिन्दुओं ने पुराणों को भी पढ़ा होगा,हमारे धर्म ग्रंथों में एक श्लोक है- ‘अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषणः। कृपःपरशुरामश्च सप्तैते चिरंजीविनः॥ सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेयमथाष्टमम्। जीवेद्वर्षशतं सोपि सर्वव्याधिविवर्जित।।’  

आइये जानते है जगन्नाथ मंदिर के 10 चमत्कारी बात…

श्री जगन्नाथ मंदिर के ऊपर स्थापित लाल ध्वज सदैव हवा के विपरीत दिशा में लहराता है।यह दुनिया का सबसे भव्य और ऊंचा मंदिर है। यह मंदिर 4 लाख वर्गफुट में क्षेत्र में फैला है और इसकी ऊंचाई लगभग 214 फुट

10 सबसे विचित्र रहस्यमयी मंदिर, वैज्ञानिक भी नहीं जान पाये राज…

भारत मंदिरों का देश है, हमारे देश में हर गली-मोहल्ले में एक ना एक मंदिर देखने को मिल ही जाता है।मंदिर भगवान की पूजा-स्थली को कहते हैं जहां आकर के लोग अपने आराध्य देवताओं की पूजा करते हैं। हमारे देश

धरती पर कोई चुनौती देनेवाला ना था और वो चक्रवर्ती सम्राट कहलाये…

पुराणों और वेदों के अनुसार धरती के सात द्वीप थे-जम्बू, प्लक्ष, शाल्मली, कुश, क्रौंच, शाक एवं पुष्कर।इसमें से जम्बू द्वीप सभी के बीचोबीच स्थित है।पहले संपूर्ण हिन्दू जाति जम्बू द्वीप पर शासन करती थी। फिर उसका शासन घटकर भारतवर्ष तक