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किशनगंज : विश्व मलेरिया दिवस पर जिले के विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को किया गया जागरूक।

मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी देकर लोगों किया जाएगा जागरूक।

किशनगंज/धर्मेन्द्र सिंह, विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर सोमवार को जिलेभर में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को मलेरिया के प्रति जागरूक किया गया। इसी क्रम में जिले के दिघलबैंक प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बच्चों को मलेरिया से बचाव की जानकारी दी गयी। जिसके माध्यम से लोगों को मलेरिया उन्मूलन के लिए जागरूक किया गया। इस दौरान जन-जन का यही नारा है, मलेरिया मुक्त जिला हो हमारा, दूर होगी मलेरिया की बीमारी, जब हम सबकी होगी भागीदारी, मलेरिया से अपने परिवार को बचाओ, मच्छरदानी अपनाओ आदि स्लोगन और नारे के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही उक्त कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव सहित इसके कारण, लक्षण एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई और सामुदायिक स्तर पर लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक भी किया जाएगा। वहीं, इस अवसर पर दिघलबैंक प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ टीएन रजक की अध्यक्षता में शपथ समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मौजूद सभी पदाधिकारी एवं कर्मियों ने मलेरिया मुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया।

जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मलेरिया मुक्त समाज निर्माण का ली गयी शपथ :

जिला वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ मंजर आलम ने बताया, विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में सोमवार को शपथ समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें सभी स्वास्थ्य संस्थानों के पदाधिकारी एवं कर्मियों द्वारा मलेरिया मुक्त समाज निर्माण की शपथ ली गई और इस बीमारी से बचाव के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने, जरूरी जानकारी देने समेत अन्य जरूरी निर्णय भी लिये गये।

किसी आयु वर्ग के लोग मलेरिया से हो सकते हैं पीड़ित :

सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर ने बताया कि मलेरिया प्लाजमोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है। इसमें कपकपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है। कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है, लेकिन बुखार आते-जाते रहता है। फेलसीपेरम मलेरिया (दिमारी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है। खून की कमी हो जाती है। बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है। फेफड़े में सूजन हो जाती है। पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है। मलेरिया से बचाव के लिए पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े का अधिक उपयोग करें। सोने के दौरान निश्चित रूप से मच्छरदानी लगाएं। इस बात का सोने के दौरान ख्याल रखें। इसके अलावा घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें एवं किसी भी कीमत पर जलजमाव नहीं होने दें। जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन तेल या डीजल डालें। घर के आसपस बहने वाली नाले की साफ-सफाई करते रहें।

dharmendra singh

धर्मेन्द्र सिंह प्रिंट माध्यम में 17 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं।राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है।

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