पटना डेयरी प्रोजेक्ट, सुधा डेयरी (VPMU), पटना द्वारा ‘जन कल्याण कोष योजना’ का भव्य उद्घाटनः पीड़ित पशुपालक परिवारों को ₹30 लाख की सहायता राशि का हुआ वितरण

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/पटनाः वैशाल पाटलिपुत्र दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, पटना (सुधा डेयरी) द्वारा आज एक गरिमामयी और भावुक समारोह में दुग्ध उत्पादकों एवं पशुपालकों के कल्याणार्थ समर्पित ‘जन कल्याण कोष सह योजना’ का उद्घाटन और सहायता राशि वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन दशरथ मांझी सभागार, पटना में किया गया। इस विशेष कल्याणकारी योजना के माध्यम से दुग्ध संघ ने अपने सदस्य किसानों और उनके परिवारों के प्रति अपनी गहरी सामाजिक और सहकारी प्रतिबद्धता को धरातल पर उतारा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शीर्षत कपिल अशोक (भा०प्र०से०), सचिव, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार सह अध्यक्ष, कॉम्फेड ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने संघ के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में पशुपालकों को संबल प्रदान करना ही सहकारिता का असली मूल मंत्र है। साथ ही इस जन कल्याण योजना को कॉम्फेड के द्वारा बिहार के सभी दुग्ध संघो में जल्द से जल्द लागू करने को कहा।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक श्री समीर सौरभ (भा०प्र०से०) ने किसानों के स्वावलंबन पर जोर देते हुए कहा कि ‘सुधा’ ब्रांड की असली ताकत हमारे ग्रामीण क्षेत्रों के परिश्रमी किसान हैं और संकट की हर घड़ी में महासंघ उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
इस विशेष कोष का निर्माण पूरी तरह से सहकारिता की भावना के साथ किया गया है। इस कोष का मुख्य उद्देश्य सक्रिय पशुपालकों एवं दुग्ध समिति के संबद्ध कर्मियों की असामयिक मृत्यु अथवा उनके दुधारू पशुओं की हानि होने पर तत्काल वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वैशाल पाटलिपुत्र दुग्ध संघ के अध्यक्ष श्री संजय कुमार ने बताया कि आज के इस ऐतिहासिक अवसर पर कुल ₹30 लाख की आर्थिक सहायता राशि सीधे लाभार्थियों और उनके आश्रितों के बीच वितरित की गई है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित मुख्य सहायता प्रदान की गई:
दिवंगत दुग्ध उत्पादक एवं अध्यक्षों के परिवारों को संबल सहायताः अप्रैल-मई माह में कुल 18 दिवंगत प्रतिबद्ध दुग्ध उत्पादकों एवं अध्यक्षों के आश्रितों को संबल प्रदान करने हेतु कुल ₹18 लाख की सहायता राशि आज वितरित की गई (असामयिक मृत्यु पर ₹1 लाख तक की सहायता)।
मृत दुधारू पशुओं के एवज में पशुपालकों को आर्थिक मददः इसी क्रम में दुधारू पशु की मृत्यु या चोरी होने पर पशुपालकों को आर्थिक मदद दी गई, जिसके तहत अप्रैल-मई में कुल 48 मृत दुधारू पशुओं के एवज में पशुपालकों को कुल ₹12 लाख की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई (प्रति पशु ₹25,000 तक की सहायता)।
अंत में संघ के प्रबंध निदेशक श्री रुपेश राज ने कहा कि संघ की यह “जन कल्याण योजना” केवल एक आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि यह हमारे किसान भाई-बहनों और उनके मूक पशुओं के प्रति एक श्रद्धांजलि और कृतज्ञता है, जिन्होंने असमय दुनिया को अलविदा कह दिया। मरणोपरांत उनके परिवारों को दी गयी यह सहायता राशि उनके दुख को तो कम नहीं कर सकती, परन्तु यह इस बात का प्रतीक है कि संकट के इस घड़ी में पूरा दुग्ध संघ परिवार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
“हमारा यह संघ सिर्फ दूध का व्यापार नहीं, बल्कि लाखों किसान परिवारों के स्वावलंबन और समृद्धि का अटूट आधार है।”
इस कार्यक्रम में समारोह में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सम्मानित प्रतिनिधि और वरीय प्रबंधक डॉ पदम वीर सिंह भी उपस्थित रहे, संघ के निदेशक मंडल, अधिकारी, कर्मचारी तथा संघ क्षेत्र पटना, सारण तथा वैशाली जिला के विभिन्न दुग्ध समितियों से जुड़े अध्यक्ष, सचिव तथा समिति से जुड़े दुग्ध उत्पादक किसान उपस्थित थे।


