बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस, राष्ट्रीय चश्मा दिवस तथा विश्व कीट दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये तीनों अवसर हमें राष्ट्रनिर्माण, स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराते हैं।
त्रिलोकी नाथ प्रसाद/उन्होंने कहा कि 6 जून 1674 को महान राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था। यह भारतीय इतिहास की एक गौरवशाली घटना है, जिसने स्वराज, सुशासन और राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना को सशक्त आधार प्रदान किया। शिवाजी महाराज ने अपने साहस, दूरदर्शिता और कुशल प्रशासन से भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र की अस्मिता की रक्षा की। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के आदर्शों को अपनाकर ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प साकार किया जा सकता है।
राष्ट्रीय चश्मा दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वस्थ दृष्टि मानव जीवन की अमूल्य संपदा है। वर्तमान समय में मोबाइल, कंप्यूटर और डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण आंखों से संबंधित समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। नियमित नेत्र जांच, संतुलित आहार तथा आंखों की उचित देखभाल से दृष्टि संबंधी अनेक समस्याओं को रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और समय-समय पर जांच कराने का आग्रह किया।
विश्व कीट दिवस के संदर्भ में डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि कीट प्रकृति के संतुलन और कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मधुमक्खियां, तितलियां तथा अन्य परागण करने वाले कीट खाद्य सुरक्षा और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, रासायनिक प्रदूषण में कमी तथा प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग से ही कीटों और अन्य जीवों का संरक्षण संभव है। जैव विविधता की रक्षा करना मानव समाज की साझा जिम्मेदारी है।
माननीय अध्यक्ष ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का राष्ट्रभक्ति का संदेश, राष्ट्रीय चश्मा दिवस की स्वास्थ्य जागरूकता तथा विश्व कीट दिवस का पर्यावरण संरक्षण का संकल्प समाज को एक सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से इन अवसरों पर राष्ट्रहित, स्वास्थ्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।



