जिलाधिकारी द्वारा लोक शिकायत के 10 मामलों की सुनवाई की गई तथा परिवादों का निवारण किया गया

त्रिलोकी नाथ प्रसाद/विद्यालय में अनियमितता के एक मामले में गैर-जिम्मेदाराना रवैया, लोक शिकायतों के प्रति असंवेदनशीलता तथा सरकारी कार्य में लापरवाही के कारण जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना, शिक्षा) के विरूद्ध 5,000/- रुपये का अर्थदंड लगाया गया
बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 का सफल क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता; सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, संवेदनशील तथा सक्रिय रहेंः जिलाधिकारी जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा आज समाहरणालय में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 के तहत द्वितीय अपील में शिकायतों की सुनवाई की गयी और उसका निवारण किया गया। शिकायत निवारण में लापरवाही बरतने के कारण एक लोक प्राधिकार के विरूद्ध कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी द्वारा आज लोक शिकायत के कुल 10 मामलों की सुनवाई की गई तथा परिवादों का निवारण किया गया। विद्यालय में अनियमितता के एक मामले में गैर-जिम्मेदाराना रवैया, लोक शिकायतों के प्रति असंवेदनशीलता तथा सरकारी कार्य में लापरवाही के कारण जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना, शिक्षा) के विरूद्ध 5,000/- का अर्थदंड लगाया गया।
दरअसल अपीलार्थी मो0 आफताब आलम, ग्राम/शहर-खजुरार, प्रखंड-पंडारक, अनुमंडल-बाढ़, जिला-पटना द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष लोक शिकायत निवारण हेतु द्वितीय अपील में वाद दायर किया गया है। अपीलार्थी की शिकायत पूर्व प्रभारी प्राधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय बेलदारी बिगहा, पण्डारक द्वारा विद्यालय में अनियमितता किए जाने के संबंध में है। जिलाधिकारी ने सुनवाई में पाया कि लोक प्राधिकार जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना, शिक्षा) द्वारा लोक शिकायत के निवारण में लापरवाही बरती गई है। उनका प्रतिवेदन भी अस्पष्ट, अपूर्ण एवं असंतोषजनक है। परिवाद के बारे में पृच्छा किए जाने पर भी उन्होंने कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दिया। इससे पता चलता है कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना, शिक्षा) द्वारा प्रश्नगत मामले में कोई रूचि नहीं ली जा रही है। परिवादी द्वारा अनुमंडल लोक शिकायत निवारण कार्यालय, बाढ़ में दिनांक 26.12.2025 को ही परिवाद दायर किया गया था परन्तु यह अभी तक लोक प्राधिकार के स्तर पर ही कार्रवाई हेतु लंबित है। जिलाधिकारी ने कहा कि लोक प्राधिकार की यह कार्यशैली लोक शिकायत निवारण की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस पर खेद व्यक्त किया तथा लोक प्राधिकार जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना, शिक्षा) के विरूद्ध ₹5,000 का अर्थदंड लगाया गया। साथ ही उन्हें निर्धारित समय-सीमा के अंदर परिवाद का विधिवत निवारण कर स्पष्ट एवं कृत कार्रवाई प्रतिवेदन-एक्शन टेकेन रिपोर्ट (एटीआर) समर्पित करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि लोक शिकायतों का ससमय तथा गुणवत्तापूर्ण निवारण अत्यावश्यक है। लोक प्राधिकारों को तत्परता प्रदर्शित करनी होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 का सफल क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, संवेदनशील तथा सक्रिय रहें।


