किशनगंज : जिले सदर अस्पताल में संचालित डायलिसिस सुविधा से विगत 03 माह में 370 मरीजों को दी गयी निशुल्क सेवा।

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वर्ष 2021-22 में कुल 1223 एवं इस वर्ष अब तक 440 से अधिक मरीजों को मिली सुविधा, लाभुकों को मिला लाभ, जताई ख़ुशी।

  • माह अप्रैल से अब तक 370 पूर्विक्ता हाउसिंग होल्डर (पीएचएच) सूची के लाभुकों मिली नि:शुल्क सेवा।
  • 70 बिना कार्डधारकों को देना बाजार दर से भी कम शुल्क।

किशनगंज/धर्मेन्द्र सिंह, किडनी रोग आज के समय में सबसे बड़ी समस्या हैं। किडनी संबंधी बीमारी होने पर डायलिसिस करवाना ही कारगर उपचार है। जब किसी व्यक्ति के गुर्दे (किडनी) सही से काम नहीं कर रहे होते हैं यानी किडनी पूरी तरह से फेल हो जाता है। किडनी से जुड़े रोगों, लंबे समय से डायबिटीज के रोगी, उच्च रक्तचाप जैसी स्थितियों में कई बार डायलसिस की आवश्यकता पड़ती है। डायलिसिस की जरूरत होने पर पहले लोगों को निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे एवं इसके लिए उन्हें बड़ी धनराशि भी खर्च करनी पड़ती थी। लेकिन जिले के सदर अस्पताल में डायलिसिस यूनिट की शुरुआत होने से इस समस्या से लोगों को निज़ात मिल रहा है। विशेषकर ऐसे गरीब लोगों को अधिक फ़ायदा हुआ है जो डायलिसिस के लिए निजी अस्पताल में अधिक पैसे खर्च करने में असमर्थ होते थे। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान कराने के उद्देश्य से अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया करायी जा रही है। अब मरीजों को पूर्णिया, सिलीगुड़ी के निजी क्लीनिक के अलावा भागलपुर और पटना जाना नहीं पड़ रहा है। मरीज अपना निबंधन कराकर सदर अस्पताल में ही डायलिसिस कराने पहुंच रहे हैं। अब सदर अस्पताल में डायलिसिस सेंटर शुरू होने के बाद किडनी के मरीजों को आर्थिक राहत भी मिल रही है। सोमवार को सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर ने जानकारी देते हुए बताया कि हैदराबाद की कंपनी अपोलो डायलिसिस प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद यहां पीपीपी मोड पर डायलिसिस यूनिट का बेहतर संचालन कर रही है जो कोरोना काल मे भी मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराना सुनिश्चित की गई है। इस दौरान डायलिसिस यूनिट में अब तक कुल 1663 लोगों को सुविधा दी गयी है, जिसमें वर्ष 2022 के अप्रैल माह में 130, मई में 170 तथा 26 जून तक 140 मरीजों ने डायलिसिस की सुविधा का लाभ उठाया है। जिसमे से कुल 370 पूर्विक्ता हाउसिंग होल्डर (पीएचएच) सूची के लाभुकों के लिए फ्री सेवा उपलब्ध कराई गयी है। वही अन्य 70 लाभुको को मात्र 1750 रु के दर से डायलिसिस की सेवा उपलब्ध करवाई गयी है जो बाजार दर से काफी कम है 95 प्रतिशत किडनी डैमेज होने पर मरीज का डायलिसिस होता है। नतीजतन ऐसे मरीजों को आनन-फानन में पटना या सिलीगुड़ी रेफर करना पड़ता था। यह सुविधा सदर अस्पताल में शुरू हो जाने से अब मरीजों को पटना नहीं भेजना पड़ता है। गौरतलब हो कि डायलसिस रक्त शोधन की एक कृत्रिम विधि होती है। इस डायलिसिस की प्रक्रिया को तब अपनाया जाता है जब किसी व्यक्ति के वृक्क यानि गुर्दे सही से काम नहीं कर रहे होते हैं। गुर्दे से जुडे रोगों, लंबे समय से मधुमेह के रोगी, उच्च रक्तचाप जैसी स्थितियों में कई बार डायलसिस की आवश्यकता पड़ती है। स्वस्थ व्यक्ति में गुर्दे द्वारा जल और खनिज (सोडियम, पोटेशियम क्लोराइड, फॉस्फोरस सल्फेट) का सामंजस्य रखा जाता है। डायलसिस स्थायी और अस्थाई होती है। यदि डायलिसिस के रोगी के गुर्दे बदल कर नये गुर्दे लगाने हों, तो डायलिसिस की प्रक्रिया अस्थाई होती है। यदि रोगी के गुर्दे इस स्थिति में न हों कि उसे प्रत्यारोपित किया जाए, तो डायलिसिस अस्थायी होती है, जिसे आवधिक किया जाता है। ये आरंभ में एक माह से लेकर बाद में एक दिन और उससे भी कम होती जाती है।जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड के खजुरबारी निवासी अजमेरा खातून ने कहा कि महंगी स्वास्थ्य सेवाओं के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्राइवेट अस्पतालों में डायलिसिस कराने पर बहुत पैसा देना पड़ता था। मुझे माह मई से लगातार सप्ताह में तीन बार डायलिसिस करवाने के जरुरत होती है इस मामले में सदर अस्पताल स्थित डायलिसिस केंद्र से मुझे काफी राहत मिली है। वही पूर्विक्ता हाउसिंग होल्डर (पीएचएच) सूची पर निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा मुझे मिली है। वही शहर के रेलवे कोलोनी निवासी राखी कुमारी ने कहा कि उन्हें किडनी की समस्या है। उनकी तबीयत अचानक खराब हो गयी थी। लेकिन कोरोना काल मे भी सदर अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में उन्हें बेहतर सुविधा मिली। इसके लिए उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मी और प्रशासन के प्रति में आभार प्रकट किया उन्होंने कहा कि डायलिसिस का इलाज कराने के लिए निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता था। जो काफी खर्चीला था 4-5 हजार प्रति डायलिसिस लग जाता था लेकिन जिला के सदर अस्पताल में सुविधा शुरू होने वर्ष 2021 के अप्रैल माह से लगातार सप्ताह में 03 बार पूर्विक्ता हाउसिंग होल्डर (पीएचएच) सूची पर निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा मुझे मिली है। सरकार के द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत बीपीएल परिवार के मरीजों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज के लिए गोल्डन हेल्थ ई- कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वैसे मरीज भी डायलिसिस सेंटर में निःशुल्क डायलिसिस करा सकेंगे, जिनके पास गोल्डन हेल्थ ई-कार्ड की सुविधा उपलब्ध है।

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