किशनगंज : जिले के सदर अस्पताल में बेहतर प्रसव सेवाओं देने के लिए मिला राष्ट्रीय स्तरीय लक्ष्य प्रमाणीकरण

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लक्ष्य प्रमाणीकरण के लिये कर्मियों का प्रयास सराहनीय-सिविल सर्जन

प्रसव सेवाओं के बेहतरी का प्रयास रहेगा जारी

किशनगंज/धर्मेन्द्र सिंह, जिले के सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड को राष्ट्रीय स्तर का लक्ष्य प्रमाणीकरण हासिल हो चुका है। भारत सरकार के राष्ट्रीय क्वालिटी एश्योरेंस कमेटी द्वारा इसे लेकर प्रमाणपत्र जारी किया गया है। पूर्व में सदर अस्पताल का राज्यस्तरीय लक्ष्य प्रमाणीकरण भी किया जा चुका है। राष्ट्रीय क्वालिटी एश्योरेंस टीम द्वारा किये गये निरीक्षण में प्रसव कक्ष के माध्यम से उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं को लक्ष्य के निर्धारित मानक के अनुरूप पाया गया। लक्ष्य एसेसमेंट के सभी मापदंडों पर खरा उतरने के बाद अस्पताल के लेबर रूम को सशर्त (कन्डिशनल) लक्ष्य सर्टिफिकेशन दे दिया गया है। लक्ष्य प्रमाणीकरण हासिल होने पर सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर ने खुशी जाहिर करते हुए इसके लिये कर्मियों के अथक प्रयास व सामूहिक सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने इसके लिए प्रसव वार्ड के कर्मियों, महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ उर्मिला कुमारी, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अनवर हुसैन, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेन्द्र कुमार, डीपीएम डॉ मुनाजिम, डीपीसी विश्वजीत कुमार, प्रसव वार्ड में कार्यरत जीएनएम, एएनएम व अन्य केयर इंडिया सहित सहयोगी संस्था के प्रतिनिधियों के सहयोग को सराहा।साथ ही कहा की जल्द ही पोठिया, कोचाधामन, बहादुरगंज एवं दिघलबैंक के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को भी लक्ष्य प्रमाणीकरण के साथ साथ कायाकल्प कार्यक्रम के तहत जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर सुविधाए दी जायेगी।अस्पताल के प्रसव वार्ड को राष्ट्रीय स्तरीय लक्ष्य प्रमाणीकरण हासिल होने पर खुशी जाहिर करते हुए सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया। कहा इस कार्यक्रम के तहत मातृ एवं नवजात शिशुओं में मृत्यु दर में कमी लाने, प्रसव के दौरान एवं उसके बाद गुणवत्ता में सुधार लाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में सभी गर्भवती माताओं को सम्मान पूर्वक देखभाल की सुविधाएं उपलब्ध कराना इसका मुख्य लक्ष्य हैं। उन्होंने कहा कि जिले में प्रसव संबंधी बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के प्रति जिला स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है। ग्रामीण इलाके के चिकित्सकीय संस्थानों तक बेहतर प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य प्रमाणीकरण हासिल होने से प्रसव संबंधी सेवाओं के लिये सरकारी चिकित्सा संस्थानों पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा। जो जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित होगा। सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अनवर हुसैन ने बताया कि एनआरएचएम कार्यक्रम की शुरुआत हुई उस समय हमारे यहां संस्थागत प्रसव तो हो रहे थे। लेकिन मातृ व शिशु मृत्यु दर ज्यादा होना चिंता का विषय बना हुआ था। इसे ध्यान में रखते हुए लक्ष्य कार्यक्रम की शुरुआत की गयी। इसका मूल उद्देश्य रिस्पेक्टिव मदर केयर है। उन्होंने कहा कि मातृत्व को एक उत्सव का रूप देने के लिये लक्ष्य प्रमाणीकरण महत्वपूर्ण है। लक्ष्य प्रमाणीकरण हासिल होने का मतलब है कि यहां उपलब्ध सुविधाएं पूरी तरह प्रमाणीकृत व क्वालिटी अप्रूव हैं। डीपीएम स्वास्थ्य डॉ मुनाजिम ने कहा कि जच्चा व बच्चा को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य है। राष्ट्रीय स्तरीय लक्ष्य प्रमाणीकरण इसकी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। जल्द ही सामुदायिक अस्पताल बहादुरगंज सहित अन्य पीएचसी को भी लक्ष्य के मानकों के अनुरूप विकसित करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में शुमार है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के उद्देश्य से लक्ष्य कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय स्तरीय प्रमाणीकरण पर सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर ने बताया कि पूर्व जिला पदाधिकारी डॉ आदित्य प्रकाश एवं पूर्व सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन के अथक प्रयास से सदर अस्पताल में नए प्रसव कक्ष, मैटरनिटी सेंटर, ऑपरेशन थियेटर प्रसूता के लिए बनाने से लक्ष्य प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ है। अभी पूरी टीम ऑपरेशन थिएटर के राष्ट्रीय स्तरीय प्रमाणीकरण के लिए कार्य कर रही है। आशा है वो भी जल्द प्राप्त हो जायेगा, जिससे सुविधा और बढ़ेगी।लक्ष्य कार्यक्रम का मूल उद्देश्य प्रसूति विभाग से संबंधित सभी तरह की सुविधाओं को सुदृढ़ बनाना और इससे जुड़ी हुई सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है। जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, प्रसव के बाद जच्च बच्चा को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिहाज से लक्ष्य प्रमाणीकरण बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है।

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