हे बिहार के भाग्य विधाता ! सुन लो मेरी पुकार..

पटना/श्रीधर पांडे किसी भी राष्ट्र में अमन, चैन, खुशहाली एवं शांति का वातावरण तब तक तैयार नहीं हो सकता, जब तक उस समाज में बेरोजगारी जैसी बीमारी की जड़ बढ़ती ही जा रही हो।आज हम अन्य ग्रहों पर जाने एवं वहाँ की जानकारी के लिए लालायित जरूर है लेकिन हमारा एक समाज रोटी से भी […]

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लगातार बढ़ते मार्क्स से शिक्षा व्यवस्था दिवालियापन की ओर:-मानवेन्द्र मिश्र

नालन्दा समझ मे नही आ रहा शुरुआत कहाँ से करू, आज जब आप लोगों से अपनी विचार व्यक्त कर रहा हूं तो इसके पीछे एक बहुत बड़ा व्यक्तिगत अनुभव भी है प्रधान न्यायिक दंडाधिकारी नालन्दा के पद पर 2016 से हूँ इस अवधि के दौरान लगभग 2700 बाल अपराधी से एवं उनके अभिभावकों से न्यायिक विचारण […]

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नई शिक्षा नीति बनाए सरकार-आंनद कुमार

जब अश्क के सहारे जीना जिंदगी का तकाजा न रह कर तकदीर बन जाए तो अश्क को भी हाला में बदलते वक्त नहीं लगता।कुछ ऐसा ही हश्र जनता का है जो अपने अरमानों का जनाजा उठते देख भी मौन है, ‘अटल’ मौन ! देश में बेरोजगारी बहुत बड़ी समस्या बनकर उभर रही है।देश की दिशा […]

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बिहार में अब-तक 175 गिरफ्तार, 200 पर मुकदमा…

पटना देश में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की घटनाओं के पीछे कुछ सोशल साइट्स का बड़ा इफेक्ट रहा है।कई झूठे मैसेज,पुराने फोटोग्राफ,वीडियो ताजा बताकर इन साइट्स पर चलाए जा रहे हैं।यह सच है कि 9 जिलों में सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश हुई।इसके पीछे राजनीतिक-धार्मिक मकसद भी रहा होगा,पर सच्चाई यह है कि जितनी तेजी से माहौल बिगड़ा, […]

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डॉक्टर सैयद हसन एक इंसान दोस्त एक परिचय….

आज से लगभग 10 दशक पहले जहानाबाद के एक जमींदार के घर पर शादी की खुशी का अवसर था।दुल्हन सभी काम करने के बाद शादी का जोड़ा पहन कर बैठ गई।अचानक शोर उठा,पता चला कि बारात को रास्ते में रोककर दूल्हे को उठा लिया गया है और किसी दूसरी लड़की से शादी रचा दी गई […]

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आज अधिक प्रासंगिक हैं गांधी, गांधी जी के लिए उनकी अहिंसा उस भारतीय परंपरा का अविच्छिन्न अंग थी जो…

दो से छह अक्टूबर के मध्य भारत में प्रतिवर्ष वन्य-जीव सप्ताह मनाया जाता है।दो अक्टूबर की यह तिथि स्वत:वन्यजीव सप्ताह को एक अनन्य प्रतीकात्मक महत्व दे देती है। गांधी के पर्यावरण और पारिस्थितिकी संबंधी विचारों को उनके राजनीतिक दर्शन के सापेक्ष अधिक महत्व नहीं दिया गया है।अहिंसा और सत्याग्रह के दर्शन को असंदिग्ध रूप से […]

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जो किसी भी स्थिति में अपना उम्मीद नही छोड़ता, उसका भगवान् मदद करते है….

एक बार एक व्यक्ति रेगिस्तान में कहीं भटक गया।उसके पास खाने-पीने की जो थोड़ी बहुत चीजें थीं, वो जल्द ही ख़त्म हो गयीं और पिछले दो दिनों से वह पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा थावह मन ही मन जान चुका था कि अगले कुछ घण्टों में अगर उसे कहीं से पानी नहीं […]

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यह मामला करीब ढाई दशक पुराना, दावे को लगातार मिलती चुनौती…..

अयोध्या के विवादास्पद ढांचे को गिराए जाने के मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और अन्य लोगों पर सीबीआइ की विशेष अदालत ने ढांचा ध्वंस की आपराधिक साजिश रचने, धार्मिक भावनाएं भड़काने एवं राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप भले तय कर दिए हों, लेकिन उन्हें […]

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हनुमान चालीसा का हर रोज सात्विक मन से पाठ किया जाये तो आत्मा का परमात्मा से मिलन संभव है….

आज दिन की सुरुआत राम भक्त महाबलि हनुमान से करते है आप को बताते चले की भगवान राम के सबसे बड़े भक्त हनुमान जी हमेशा श्री राम की भक्ति में लीन रहते हैं सारा दिन प्रभु की सेवा में लगे रहते हैं।ऐसी मान्यता है कि रात के समय जब भगवान श्री राम विश्राम करते हैं,उस […]

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आखिर चाणक्य के मृत्यु का कारण क्या वे स्वयं थे या कोई और…?

आचार्य चाणक्य के जीवन से जुड़ी कई बातें उनका जन्म, उनके द्वारा अपने जीवन में किए गए महान कार्य जैसे कि अर्थशास्त्र जैसे महान ग्रंथ का लेखन करना,जिसमें उन्होंने जीवन के विभिन्न पहलुओं को हिम्मत से पार कर सकने का ज्ञान प्रदान किया है।यह कोई सामान्य मौत थी या बनी बनाई साजिश ? क्योंकि जाहिर […]

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