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सारण पुलिस ने 48 घंटे के अंदर अपराधियों निशानदेही पर लूट के सभी जेवरात तथा नगद 4.5 लाख रुपये किया बरामद…

सारण पुलिस ने 48 घंटे के अंदर अपराधियों निशानदेही पर लूट के सभी जेवरात तथा नगद 4.5 लाख रुपये किया बरामद…

अपराध एवं अपराधियों तथा शराब माफ़ियाओ पर लगातार करवाई करते हुए सारण पुलिस के कप्तान हर किशोर राय हर हाल में जिले में अमन,शांति का माहौल कायम करने प्रयासरत है एवं लगातार More »

आइये जानते एक साधारण परिवार के ips अधिकारी की सफलता की कहानी…

आइये जानते एक साधारण परिवार के ips अधिकारी की सफलता की कहानी…

किशनगंज यह कहानी एक बहुत ही साधारण परिवार के बेटे की है जमुई के एक छोटे से गांव सिकंदरा (शायद आपने नाम सुना होगा) में पले बढे इस आईपीएस अधिकारी की सफलता More »

पर्यवेक्षिका स्व. पल्लवी के दहेज प्रताड़ना मामला में उसके पति को कोर्ट 3 साल का सजा सुनाया और 5 हजार रुपए का जुर्माना…

पर्यवेक्षिका स्व. पल्लवी के दहेज प्रताड़ना मामला में उसके पति को कोर्ट 3 साल का सजा सुनाया और 5 हजार रुपए का जुर्माना…

किशनगंज-पूर्व पर्यवेक्षिका ठाकुरगंज स्व० पल्लवी कुमारी के पति को 498A से सम्बंधित केस सं०-C1492 में मिली सजा,कोर्ट ने 3 साल की सजा और 5 हजार का जुर्माना लगाया है।जुर्मना नहीं देने पर More »

दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका…

दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका…

बिहार में सरकार बेटी-पढ़ाव बेटी बचाव के अभियान पर जोड़ दे रही है।तो दूसरी तरफ दरिंदे बेटियों का जिना मुहाल कर दिया है।मुजफ्फरपुर में आए दिन लगातार लड़कियों की हत्याएं बढ़ती ही More »

प्रेम प्रसंग मॆ युवक और युवती को जबरन पिलाया ज़हर, भीड़ बना रहा तमाशबीन, प्रशासन है बेखबर, सोशल मीडिया पर हुआ वीडियो वायरल…

प्रेम प्रसंग मॆ युवक और युवती को जबरन पिलाया ज़हर, भीड़ बना रहा तमाशबीन, प्रशासन है बेखबर, सोशल मीडिया पर हुआ वीडियो वायरल…

मानवता भी शर्मसार हो गया जब यह मामला प्रकाश मॆ आया।किस तरह दो प्रेमियों को ज़बरदस्ती ज़हर पिलाया गया।कोइ इस मौत परोसने वालो कॊ रोकने और टोकने वाला भी नही मिला।पुलिस या More »

 

मुजफ्फरपुर के बालिका गृह कांड: मुझे नहीं लगता कि इसमें सीबीआई जांच की कोई जरूरत है:-DGP बिहार केएस द्रिवेदी

बिहार के मुजफ्फरपुर के बालिका गृह कांड पर आज संसद से लेकर विधानसभा तक में हंगामा मचा है।विपक्ष जहां सरकार पर हमलावर है,तो सरकार जांच तेजी से कराने की बात कह रही है।इधर हंगामा बढ़ने पर आज मंगलवार को बिहार के DGP केएस द्रिवेदी खुद सामने आये और उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन कर पूरी स्थिति स्पष्ट की।इस दौरान उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण बात कही कि इस मामले में सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है।उन्होंने साफ़ कहा कि मैं अपनी जांच से पूरी तरह से संतुष्ट हूं।DGP ने कहा-मुझे नहीं लगता कि इसमें सीबीआई जांच की कोई जरूरत है।सरकार का इस विषय में कोई निर्णय नहीं लिया है।बिहार पुलिस की जांच सही है और संतु​ष्टि के लायक है।समाज कल्याण विभाग ने खुद से ये आॅडिट कराया था।तभी मामला सामने आया।प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ही एक सवाल पर डीजीपी ने कहा कि पहले 164 में बात नहीं आई थी लड़की को मारने की।बाद में तीन लड़कियों ने अलग-अलग पूछताछ में बताया। मौके पर मौजूद समाज कल्याण विभाग के सचिव ने कहा कि कार्रवाई सरकार के आदेश पर ही हो रही है।हमने खुद ही छपरा के मामले को डिटेक्ट किया।वहां मानसिक रूप से बीमार लड़की से दुष्कर्म हुआ।वहां के सिक्योरिटी गार्ड ने ही किया था। जो गिरफ्तार किया गया है।सामाजिक अंकेक्षण जून 2017 में ही सभी आवासिय सुविधाओं वाली संस्थाओं की जांच कराने को कहा गया था।उम्मीद ही नहीं थी कि ऐसी बात सामने आएगी।

पटना-मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामला, DGP ने की पीसी ’11 आरोपियों में से 10 की हुई गिरफ्तारी’ ‘संस्था से 4 लड़कियां फरार बताई जा रही है’3 लड़कियां मृत बताई जा रही हैं’हम मामले की जांच कर रहे हैं-DGP ‘मुजफ्फरपुर के अलावा कई जगहों से भी रिपोर्ट आई है’मामले में एक अभियुक्त दिलीप वर्मा फरार’ 29 बच्चियों के साथ दुष्कर्म की पुष्टी-DGP, 44 लड़कियों में से 42 का कराया गया मेडिकल़ ‘साइकलॉजिस्ट और डॉक्टरों की मदद ली जा रही है’ मामले पर CBI जांच की जरूरत नहीं।

सुधार के दृष्टिकोण से कराया गया।अप्रैल 2018 में टीस की रिपोर्ट आई।रिपोर्ट की हमने समीक्षा की।ग​ड़बड़ियों के साथ ही आपराधिक मामला सामने आया।फिर तुरंत कार्रवाई शुरू की।सारी कार्रवाई सरकार के निर्देश पर ही हो रहा है।केस की जांच चल रही है।लड़कियों के शिफ्ट होने की बात है तो उन्हें तीन जगहों पर भेजा गया।जहां तक बात एक महीने की देरी की बात है तो वो उसके लिए टीस के साथ रणनीति तैयार की जा रही थी। एक नजर घटनाक्रम पर मुजफ्फरपुर में बालिका गृह चलाने के लिए सेवा संकल्प एवं विकास समिति को 24 अक्टूबर 2013 को समाज कल्याण विभाग ने परमिशन दी थी।1 अक्टूबर 2013 से बालिका गृह काम करने लगा।समाज कल्याण विभाग ने खुद से टाटा इंस्टिच्यूट आॅफ सोशल साइंसेज को चल रहे सभी बालिका गृह के आॅडिट कराने की जिम्मेवारी दी थी।TISS ने आॅडिट कर 27 अप्रैल 2018 को अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी थी।

11 अभियुक्तों के नाम:

  • ब्रजेश कुमार ठाकुर,समिति के संरक्षक व संचालक
    विकास कुमार
    रवि कुमार रौशन,सीपीओ
    दिलीप कुमार वर्मा,समिति के अध्यक्ष
    इंदू कुमारी,आवास की सुपरिटेंडेंट
    मंजू देवी,काउंसलर
    हेमा मसीह,प्रोवेशन पदाधिकारी
    मीनू देवी
    चंदा देवी,गृह माता
    नेहा कुमारी,नर्स
    किरण कुमारी,हेल्पर

रिपोर्ट से बालक-बालिका गृह में दुव्यर्वहार की बात सामने आई।साथ ही इसी रिपोर्ट से मुजफ्फरपुर में लड़कियों के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया।डीजीपी के अनुसार गया, मुंगेर, भागलपुर और मोतिहारी में चल रहे बाल गृह में भी दुर्व्यवहार की बात सामने आई थी।इसके बाद 31 मई 2018 को मुजफ्फरपुर बाल इकाई के सहायक निदेशक ने वहां के महिला थाना में एफआईआर 33/18 दर्ज कराया है।इस केस में 120बी, 376, भादवी एवं 4,6, 8, 10, पोक्सो 12 और जेजे एक्ट की धाराएं जोड़ी गई।2 जून 2018 को 8 अप्राथमिक अभियुक्त को पकड़ा गया और जेल भेजा गया।बाद में 4 जून को सीआरपीसी की धारा 164 के तहत कुछ पीड़िताओं का बयान लिया गया।जिसमें यौन शोषण की बात पीड़िताओं ने कही।5 जून को सीडब्लूसी के विकास कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।6 जून को गाय घाट पटना में रखी गई लड़कियों का पुन: बयान कराया गया।7 और 8 जून को गाय घाट में रह रही लड़कियों का मेडिकल टेस्ट कराया गया।14 जून को बालिका गृह मोकामा में रह रही लड़कियों का बयान दर्ज कराया गया।

जिसमें ये बात सामने आई कि सीपीओ रवि कुमार रौशन ने लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया था।19 जून को मुजफ्फरपुर बालिका गृह में रहने वाली 13 लड़कियों का पीएमसीएच में मेडिकल टेस्ट कराया गया था।कुल 44 लड़कियां मुजफ्फरपुर के बालिक गृह में रह रही थीं।जिसमें दो बीमार थी।इस कारण से 42 लड़कियों का मेडिकल टेस्ट कराया गया।जिसमें से 29 लड़कियों की रिपोर्ट पॉजिटिव है।इंवेस्टिगेशन और सुपरविज़न के बाद इस केस में आईपीसी की धारा 341, 342, 323, 326, 354ए, 354बी, 376सी, 120बी, 109, 504, 506, 34, पोक्सो एक्ट की धारा 4, 6, 8, 10, 12 और जेजे एक्ट 2015 की धारा 75 एवं 85 को जोड़ा गया।डीजीपी ने बताया कि इस केस में कुल 11 लोगों को दोषी पाया गया है।दिलीप कुमार वर्मा फरार हैं।इनकी तलाश में छापेमारी चल रही है।पुलिस टीम कुर्की और इश्तेहार के प्वाइंट पर भी काम कर रही है।तीन लड़कियों के बयान के बाद खुदाई की का भी काम चला।वहां कोई बॉडी नहीं मिली।इस संस्था के रिकॉर्डस को भी खंगाला गया।संस्था के शुरूआत से लेकर अब तक 471 लड़कियां आई थीं।4 लड़कियां फरार दशाई गई हैं।इसकी जांच चल रही हैं।तीन लड़कियां को मरा हुआ बताया गया है।इसकी भी जांच चल रही है।आरोपियों को रिमांड पर लेकर भी पूछताछ की जाएगी।

सूत्रों की मानें तो मुजफ्फरपुर व अन्य स्थलों पर सरकारी बालिका गृहों में हुई घटनाओं के मामले में पटना हाईकोर्ट गंभीर हो गया है।मीडिया में आ रही तमाम रिपोर्ट के आधार पर पटना हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है।इस मामले की सुनवाई जस्टिस डॉ रविरंजन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में होगी।इस मामले की सुनवाई के लिए गुरुवार का दिन निर्धारित किया गया है।सूत्रों की मानें तो इसमें बिहार सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।इतना ही नहीं, सुनवाई में इस मामले की सीबीआई जांच कराने जैसे मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है।

रिपोर्ट-न्यूज़ रिपोटर 

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