पुलिस की कारवाई हुए तेज, डीजीपी है काफी सख्त,नहीँ चलेगा अपहरण उधोगपतियों का राज,खत्म होगा माफियाओं का साम्राज, अवैध जमीन और मकान कब्जे करने वाले हो जाओ सावधान, दलालो पर होगी बड़ी और कड़ी करवाई…

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मुजफ्फरपुर जी अब पहले वाली बात नहीँ है,बिहार मॆ डीजीपी डीएन गौतम के बाद,आशिष रंजन ने लचर पचर कार्यप्रणाली से सुधार कि करवाई मॆ तेजी लाये तो नीलमणि के बाद,अभयानंद ने स्पीड ट्रायल शुरु किया और डंडे की मार कम कर कलम और कैमरे कि मार आरम्भ किये जो काफी सफल हुये।कैमरे कि नजर सबूत जुटाने मॆ लगाये गये क्योंकि गवाही से कतराने पर सबूत कि कमी से करवाई प्रभावित होता था।जो मजबुत कार्यप्रणाली शुरु हुये जो आज भी दमदार है।कितने वायरल वीडियो फोटो पर करे और बड़े करवाई हुये है।अभयानंद फिर पीके ठाकुर कि जब बारी आयी तो उन्होने तो काफी करवाई किये उनकी करवाई पब्लिक को खूब भाया और उन्होने हेल्प लाइन के कई नम्बर जारी कर पीडितों के लिये जीवन दान दिया जो आज काफी मददगार साबित हो रहा है।इमानदारी का सबक श्री ठाकुर ने पुलिस को खुद तत्परता से दिये जो सरकार और जनता के लिये कल्याणकारी हुये।कई भ्रष्टों का बोरिया बिस्तर समेत गये।इमानदारी और पारदर्शिता थानों पर आने लगे।दलाल पलायन करने लगे।शराब बंदी की बड़ी जिम्मेवारी इन्होने निभाया।हर जनता के दिलो पर राज कर अपना मिसाल कायम किये।इनके बाद अब कृष्ण स्वरूप द्रीवेदी जो बिहार के पुलिस मुखिया है।अपहरण उधोगपतियों को खदेड़ा है।इस उधोग मॆ लगे रहने वालों कॊ दबोच कर सलाखों तक पहुच्या है।शराब माफिया पनाह माँग रहे है।सड़क छाप गुंडे भाग खड़े हुये है।पियक्कड़ दुबकना शुरु किये है।

सुशासन का हनक के साथ कानून का हनक दिखने लागा है।रिश्वतखोरी वाले थानाध्यक्ष को किनारा किया गया है।इमानदार और कड़क जांबाज़ एसपी और एसएसपी कॊ कमान सौंपा गया है।भ्रष्ट डीएसपी पर गाज गिरी है।तबादला हुये है।अन्य जोनल तबादला का करवाई होना फिर बताया गया है।जिला स्तर पर करवाई एसपी व एसएसपी को पुरी स्वतंत्रा है।करवाई मॆ किसी की हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीँ है।थानों मॆ प्राथमिकी दर्ज होने लगे है।पीडिता कॊ अब पीडिता समझा जाने लागा है।भ्रष्ट पुलिस कर्मी तो कर्मी एसएसपी तक नहीँ बक्से गये है।लूट, छिनतीई, डाका, चोरी की घटना नगण्य हुये है।हत्या और बलात्कार पर पुलिस का करवाई मिसाल कायम किया है।रंगदारी का करोबार बंद हुये है।सड़कों पर आवागमन सुचारु हुये है।उपद्रव करने वाले सड़कों कॊ जाम करने वालों पर करवाई तेज हुये है।थानों की खरीद बिक्री बंद हुये है।इमानदारी का सबक थानों के पुलिस कर्मी कॊ दिया जा रहा है।पहले तो खुद डीजीपी

  • प्रेम और स्नेह का पात्र होगी पुलिस।
  • पुलिस चली आपके द्वारे,आपकी सेवा मॆ है तत्पर।
  • पुलिस पब्लिक मॆ होगे गहरी तालमेल,मिटेगी दूरी।
  • बिहार पुलिस अब पब्लिक कि पहली पसंद बनेगी घृणा का पात्र नहीँ।
  • हर थानों के अलावे उच्च अधिकारीयों के कार्यालय और आवास के अलावे महत्वपूर्ण जगह पर लगेगी शिकायत और जानकारी पेटी।
  • पब्लिक खुल कर गुप्त या नाम से जानकारी उपलब्ध कराये पुलिस ईमानदारी से निपटायेगी हर शिकायत,हर जानकारी पर होगी करवाई।

फिर जोनल आईजी और डीआईजी गाँव-गाँव बिन्दुवार समीक्षा कर तमाम दर्ज प्राथमिकी कि जाँच कर करवाई की जाँच कर रहे है।वही अपराध, भ्रष्टाचार, माफिया, दलाल पर करवाई तेज किये गये है।अनुसंधान मॆ रिश्वतखोरी बंद कर इमानदारी लाया गया है।गुप्त सूचना और सूचना तंत्र मजबुत किया जा रहा है।पुलिस आम इंसान का मित्र और गुंडा माफियाओं, दलाल, अपराधी कि शत्रु है।यह साबित करने मॆ बिहार के हर थानों पर डीजीपी की सीधी नजर है।हर थानों कि सुधार का अथक प्रयास जारी है।पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी कैमरा तक थानों

को मिलने वाले है।कई आवश्यक बिंदु पर करवाई जारी है।दलाल, भ्रष्टाचार, माफिया मुक्त थाना बनाने मॆ डीजीपी लगे हुए है।बिहार कॊ भयमुक्त, अपराधमुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त बनाने मॆ प्रत्येक जिले के एसपी/एसएसपी और जोन के आईजी, डीआईजी लगे हुए है।जिन थानों के थानाध्यक्ष या पुलिस कर्मी या चालक, चौकीदार की शिकायत प्राप्त हो रहे है या उनकी कर्तव्य मॆ लापरवाही है या रिश्वतखोरी है तो,उनकी उनको उनके योग्य जगह उपलब्ध कराया जा रहा है।अधिक समय तक जमे पुलिस कर्मी का जोनल तबादला भी कर सुधार कि करवाई किया जा रहा है।वही शपथ सप्ताह की करवाई किया जा रहा है ताकि पुलिस अपनी इमानदारी को याद रखे और कर्तव्य का पालन करे।पुलिस माफिया,दलाल गठजोर तोड़ा जा रहा है।थानों कि दलाल की चिन्हित कर उसकी सम्पति की करवाई से लेकर उस पर ठोस प्राथमिकी दर्ज किया जा रहा है।हर हाल मॆ पुलिस की छवि साफ सुथरा बनाया जा रहा है।दागी पुलिसकर्मी कॊ महत्वपूर्ण पद से मुक्त किया जा रहा है।भ्रष्टों को निगरानी कि टीम और आर्थिक अपराध इकाई की टीम द्वारा दबोचा जा रहा है।पुर्व से कई भ्रष्ट और लापरवाही बरतने वाले पुलिस को पद मुक्त कि करवाई की जा रही है।

रिश्वतखोर मुंशी हुये निलम्बित,कई थानाध्यक्ष की नौकरी खतरे मॆ पड़ा आंदोलन कि आग मॆ जिला दहलाने की तैयारी जारी।मुजफ्फरपुर एसएसपी हरप्रीत कौर ने गायघाट थाने के मुंशी कॊ रिश्वतखोरी के आरोप मॆ निलंबित कर दिया है।बाकी दो थानाध्यक्ष की बारी जल्द आने वाला प्रतीत होता है।ऐसे तो कई थानाध्यक्ष के कार्यप्रणाली से एसएसपी नराज है।मगर दो थानाध्यक्ष पर शीघ्र गाज गिरना तय है।काँटी डाका कांड काफी अहम बन गया है।गायघाट के मुंशी का वीडियो रिश्वत माँगते वायरल हुआ था।इधर कई थानाध्यक्ष की लापरवाही,माफियाओं से तालमेल होने, रिश्वतखोर होने और माफियाओं को लाभ देने और जमीन कब्जे कराने कि भूमिका होना,और सूचक को फोन पर फटकार देने की शिकायत मील रहे है।जिसकी खुद एसएसपी जाँच कर रही है।बताए गये है सूत्रों के द्वारा की अगर एसएसपी जल्द थानों कि रिश्वतखोरी पर और काँटी डाका कांड पर करवाई पर ध्यान नहीँ दिये और शिकायत मिलनेवाले थानाध्यक्ष पर करवाई नहीँ हुए तो उनके कारगुजारियों से कई जगह विधि व्यवस्था की गम्भीर समस्या उत्पन हो सकते है।जैसे अहीयापुर के जारी आडियो मॆ दारोगा ने सूचना देने वालों कॊ गाली तक दिया है।जो संगीन मामला है।वही मोतीपुर थाना समेत कई थानों की कार्यप्रणाली काफी कर्तव्यहिनता का कई मामलो मॆ दिख रहा है।आरोपी का फरार होना काफी संदेश खड़ा करता है।वही शोषण के शिकार पीडिता कॊ न्याय के लिए भटकना,जमीन कब्जे मॆ पुलिस कि पक्षपात रवैया होना काफी कर्तव्यहिनता दर्शाता है।इन सब के आलावे कई गम्भीर मामले दबे हुए है जो काफी संगीन है।एसएसपी किसी हालत मॆ कोई कोताही और लापरवाही बर्दाश्त करने के मुंड मॆ नहीँ है तो थानाध्यक्ष 2002 वाला सिस्टम बनाये हुए है।इस कान से सुनो उस कान से निकाल दो,वाली कहावत थानों पर फिट बैठ रहा है।चकमा बाजी जारी है।कर्तव्यहिनता के वजह से कई थानाध्यक्ष पर जल्द गाज गिरना तय है।हाल के दिनो हुए काँटी डाका कांड और मुजफ्फरपुर डॉक्टर की पिटाई मामले मॆ जिले को आंदोलन कि आग मॆ सूल्गाने कि तैयारी शुरु किए जाने की खबर है।जिससे उच्च अधिकारियों को गम्भीरता से लेने कि आवश्कता है।इसमे जल्द डकैत कॊ पकड़ना और कर्तव्यहीन थानाध्यक्ष पर करवाई ही आंदोलन कॊ रोकने मॆ सहायक होगा।इसमे अंदर ही अंदर तैयारी होने की खबर है।

मुजफ्फरपुर पुलिस महानिरीक्षक कि करवाई,हुए तेज,एसएसपी हो रहे है गुमराह,पुर्व मॆ कई एसपी कॊ किए गये गुमराह थानाध्यक्ष हुए कर्तव्यहिनता मॆ निलम्बित।

मुजफ्फरपुर आडियो वायरल होते ही कड़ी करवाई दायरे मॆ मुजफ्फरपुर के अहीयापुर थानाध्यक्ष धनंजय कुमार आ गये है।इनको विभागीय करवाई के दायरे मॆ लिया गया है।आईजी सुनील कुमार काफी गम्भीरता से इस मामले को लिए है,और कई आवश्यक निर्देश जारी किये है।डॉक्टर के चिकित्सालय मॆ मरीज की मौत पर हुए मारपीट और उपद्रव पर फोन किए जाने पर अमानवीय हरकत किए।मदद की गुहार लगाने पर फटकार और गाली गलौज किए थे,और गैर जिम्मेवारी हरकत किए,जिससे उच्च अधिकारी काफी खफा हुए।पुलिस मुख्यालय भी इस मामले मॆ गम्भीर है।उच्च अधिकारी द्वारा दोषी पाने पर और जनाक्रोश भड़काने के आसार देख धनंजय कॊ निलंबित किया गया है।अभी कई थानाध्यक्ष करवाई के दायरे मॆ है।ऐसा बताया गया है की प्रथम कड़ी मॆ एसएसपी मुजफ्फरपुर थानाध्यक्ष और कुछ डीएसपी के चकमे मॆ आ गये है। उन्हे ये कई थानाध्यक्ष और कई डीएसपी गुमराह

कर अपना उल्लू सीधा कर रहे है।अभी एसएसपी को मुजफ्फरपुर के शातिर चकमा वाजो के कारनामों का अंदाजा नहीँ हुए है।उन्हे इन शातिर का चाल समझना पड़ेगा।यहा कई एसएसपी/एसपी इन शातिर वाजो के चाल के शिकार होते होते बचे है।पूर्व एसपी रत्न संजय,राजेश कुमार,रंजीत मिश्रा,सुधांशु कॊ उनको उनके कनीय पदाधिकारी ही कई माह तक चकमा देते रहे।मगर उन एसपी को समय पर आँख खुल गये।यहा तक रंजीत मिश्रा कॊ तो ग्स्ती दल सोया था और वो ग्स्ती करने कि बात बताया जिससे वो फोन पर बातचीत करते पकड़े इसमे कई दिनो तक कई थानों की कार्यप्रणाली कि पोल खुल गये।रत्न संजय को पुलिस ने ही शराब के कारोबारी से मिली भगत कर शराब छुपा कर मोतीपुर पुलिस चकमा दिया।जिले की टीम को भेज रत्न संजय शराब बरामद कराये,सुधांशु कॊ डॉक्टर सुधीर के पुत्र अपहरण मॆ भागना बताये,लोगों ने सुधांशु को अपहरण करने वालों कॊ पकड़ कर फोन किया तब एसपी ने थानाध्यक्ष कुमार रवि को फटकार लगाया।थानाध्यक्ष को खुद लोगों ने अपहरण करने वालों कॊ पकड़ कर दिया।राजेश कुमार को फोन करने पर तो थानाध्यक्ष कई मामलो मॆ फोन करने पर फोन करने वालों पर ही दलाल के मिली भगत से थाने मॆ गलत केस मॆ फँसा दिया।थानाध्यक्ष का क्रोध भड़क गया की एसपी कॊ

फोन क्यों करते हो,जो अत्याचार हो रहे है उसे सहते रहो,और रुपया थाना को देते रहो,कमाने खाने मॆ कोई बाधा पुलिस कॊ मंजूर नहीँ है।ये समझ कर राजेश कुमार कई थानाध्यक्ष को निलंबित किये।जब वो समझे तब वो खुद करवाई की हनक दिखाने लगे।कई गम्भीर रेड और मामलो मॆ उन सब एसपी को उनके कनीय पदाधिकारी ने गुमराह किया था।इस एसएसपी के साथ भी यह खेल शुरु है।एसएसपी इमानदार है ये तो तय है मगर अगर उच्च अधिकारी समय पर ध्यान नहीँ दिए तो जिले कॊ त्वाही और सूल्गाने से भ्रष्ट पुलिस वाले अपने करतूतों से और कमाने खाने को लेकर बाज नहीँ आयेंगे।

आपराधिक घटनाओं मॆ आयी कमी, बंदी कही गहरी साजिश तो नहीँ ? मुजफ्फरपुर एसएसपी ने माफियाओं और अपराधियों पर कसा शिकंजा। आईजी है काफी सख्त। डीजीपी कॊ कोई कोताही पसंद नहीँ है।

मुजफ्फरपुर बंद मॆ साजिश कि गंध आ रहे है।इसमे ध्यान देगे तो मालूम होगा की पुर्व मॆ भी कई तेज तर्रार आईपीएस को उनके कड़ी करवाई पर उनको हटाने मॆ कई गम्भीर साजिश हुए है।ताजा आकलन के मुताबिक बिहार के हर जिलों मॆ अपराध कम गये है।इसमे डीजीपी के नए फार्मूले काफी काम किये है।डीजीपी किसी

प्रकार से अपराध,भय भ्रष्टचार बर्दाश्त नहीँ कर सकते है।उन्होने जिले मॆ काफी इमानदार एसपी/एसएसपी तैनात किया है।वही थानों तक की इमानदारी का मुआयना हो रहा है।इसमे जोनल तबादला और जिला कि करवाई जारी है।मुजफ्फरपुर मॆ साजिश का दौड़ मॆ जारी बंदी पूर्णतःसफल नहीँ रहा।जिले के लगभग मोतीपुर समेत कई थाना इलाका बंदी से अलग रहा आमजनता ने प्रशासन कॊ मदद किया और बंदी का विरोद्ध किया।मुजफ्फरपुर शहर मॆ भी कई इलाका मॆ बंदी असफल रहा और आमजनता का अधिकारी के ऊपर विश्वास दिखा।मगर बंदी कराने वाले कही आक्रमक तो कही कही ज्थ्था मॆ बंदी कराने वाले निकले मगर कही कोई विशेष असर नहीँ रहा,पुरी तरह आमजनता सुरक्षित प्रबंध मॆ पुलिस बल तैनात रहा।

हर जोन मॆ होगा तबादला,पुलिस मुख्यालय का आदेश जारी,कोई दागी नहीँ होगे थानेदार,हर हाल मॆ इमानदारी ही प्रमुखता होगा,पुलिस होगा जनता का सच्चा मित्र।दलाल,माफिया अपराधी का टूटेगा गठजोड़।सीमांचल से सभी जिलों में पुलिस विभाग में व्यापक पैमाने पर हुए तबादला कि करवाई शुरु।

मुजफ्फरपुर दरभंगा प्रक्षेत्र के आईजी पंकज दराद ने पुलिस मुख्यालय के आदेश कॊ सर्वप्रथम साकार किए है।पिछले माह मॆ ही यह कार्य बिहार मॆ होने थे पूरी,पुलिस मुख्यालय हर हाल मॆ दलाल,माफिया पुलिस गठजोड़ तोड़ना चाहती है।पुलिस को काफी इमानदार बनाना ही अब पुलिस मुख्यालय का मुख्य लक्ष्य भ्रष्टाचार पसंद नहीँ है।जनता की सेवा और सरकार का लक्ष्य करना सेवा की भावना रखना,लिए शपथ को याद कर इमानदारी से कर्तव्य का पालन करना और पीडितों की सुनवाई ही पुलिस का उदेश्य होगा।

गोरख धँधा अपराध,अपहरण जड़ से खत्म करना ही मुख्य लक्ष्य है।थानों मॆ भ्रष्ट दरोगा और थानाध्यक्ष का कोई गुजारा नहीँ होगा।मुंशी से लेकर चालक और चौकीदार तक पुरी तरह इमानदार होना होगा।अन्यथा कई कारगर योजना पुलिस मुख्यालय तैयार कर रहा है।अत्याधुनिक तौर से ऑनलाइन थानों कि कार्य और हर गतिविधि की जानकारी होने वाले है।जो जल्द धरातल पर देखेंगे।हर जोनल प्रक्षेत्र मॆ तबादला का आदेश जारी है।यह कार्य पिछले माह ही कर लेना था,जो विलम्ब हो गये है।कई भ्रष्ट थानाध्यक्ष की कर्मकुंडली भी खंगाले जा रहे है।अब थानाध्यक्ष की उनकी कुशलता और इमानदारी पर ही छवि देख कर थाने मिलेंगे,किसी भ्रष्ट कॊ थानों पर अब गुजारा नहीँ है।अब थाना नहीँ बिकेगे,बिहार मॆ डीजीपी और आईजी सीधा हर थानों पर पैनी नजर जमाये हुये है।

रिपोर्ट-न्यूज़ रिपोटर 

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