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आइये जानते एक साधारण परिवार के ips अधिकारी की सफलता की कहानी…

आइये जानते एक साधारण परिवार के ips अधिकारी की सफलता की कहानी…

किशनगंज यह कहानी एक बहुत ही साधारण परिवार के बेटे की है जमुई के एक छोटे से गांव सिकंदरा (शायद आपने नाम सुना होगा) में पले बढे इस आईपीएस अधिकारी की सफलता More »

पर्यवेक्षिका स्व. पल्लवी के दहेज प्रताड़ना मामला में उसके पति को कोर्ट 3 साल का सजा सुनाया और 5 हजार रुपए का जुर्माना…

पर्यवेक्षिका स्व. पल्लवी के दहेज प्रताड़ना मामला में उसके पति को कोर्ट 3 साल का सजा सुनाया और 5 हजार रुपए का जुर्माना…

किशनगंज-पूर्व पर्यवेक्षिका ठाकुरगंज स्व० पल्लवी कुमारी के पति को 498A से सम्बंधित केस सं०-C1492 में मिली सजा,कोर्ट ने 3 साल की सजा और 5 हजार का जुर्माना लगाया है।जुर्मना नहीं देने पर More »

दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका…

दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका…

बिहार में सरकार बेटी-पढ़ाव बेटी बचाव के अभियान पर जोड़ दे रही है।तो दूसरी तरफ दरिंदे बेटियों का जिना मुहाल कर दिया है।मुजफ्फरपुर में आए दिन लगातार लड़कियों की हत्याएं बढ़ती ही More »

प्रेम प्रसंग मॆ युवक और युवती को जबरन पिलाया ज़हर, भीड़ बना रहा तमाशबीन, प्रशासन है बेखबर, सोशल मीडिया पर हुआ वीडियो वायरल…

प्रेम प्रसंग मॆ युवक और युवती को जबरन पिलाया ज़हर, भीड़ बना रहा तमाशबीन, प्रशासन है बेखबर, सोशल मीडिया पर हुआ वीडियो वायरल…

मानवता भी शर्मसार हो गया जब यह मामला प्रकाश मॆ आया।किस तरह दो प्रेमियों को ज़बरदस्ती ज़हर पिलाया गया।कोइ इस मौत परोसने वालो कॊ रोकने और टोकने वाला भी नही मिला।पुलिस या More »

संपादक को बिना वारंट गिरफ्तार करने रांची पहुँच गई नालंदा पुलिस…

संपादक को बिना वारंट गिरफ्तार करने रांची पहुँच गई नालंदा पुलिस…

बिहार के मुखिया राज्य में कानून एवं न्याय की शासन की दुहाई देते हैं लेकिन उनके ही जिले नालंदा की पुलिस नियम एवं कानून की धज्जी उड़ाने और अपनी भद्द पिटवाने झारखंड More »

 

रोजगार कार्ड महज एक दिखावा, नहीं मिल रहा मनरेगा मजदूरों को मजदूरी…

नालंदा जिले के कराय परसुराय प्रखण्ड के ग्राम पंचायतो में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत कार्यरत मजदूरों का स्वयं के हिसाब किताब रखने के लिए शासन के द्वारा योजनानुसार रोजगार कार्ड वितरण किया गया है। जिससे अपने प्रत्येक दिन के कार्यों का लेखा-जोखा मजदूर स्वयं करा सके एवं मजदूरी भुगतान में कोई गड़बड़ी न हो, लेकिन विगत तीन-चार साल से मजदूरों के रोजगार कार्ड में कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत के जिम्मेदार लोगों द्वारा कार्य दिवस नहीं चढ़ाया जा रहा है। जिसके कारण रोजगार कार्ड बक्सों में रखने के के अलावा कुछ काम का नहीं रह गया है।गौरतलब है कि मजदूरों के मजदूरी में कोई डाका न डाल सके और मनरेगा के हर कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए शासन प्रशासन हर संभव प्रयासरत है। इसके बाद भी ग्राम पंचायत के 

द्वारा विगत तीन चार साल से रोजगार कार्ड में मजदूरों के कार्य दिवस नहीं चढ़ाया गया।विवाद का बनता है कारण मजदूरों के पलायन रुके और गांव में ही भरपूर रोजगार मिले।जिससे मजदूरों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।इन्हीं उद्देश्य आधारित परिकल्पना के साथ मनरेगा योजना की शुरुवात हुई है,लेकिन इस योजनाओं पर लापरवाही बरतने वाले कराय परसुराय मनरेगा पदाधिकारी कुणाल प्रसाद के कारण आज तक मजदूरों को अपनी मजदूरी भुगतान को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती है।क्योंकि 10 से 

15 किमी की दूरी तय करके मुख्यालय के बैंक में पहुंच कर अपनी मजदूरी बड़ी मशक्कत के बाद लेने में सफल तो हो जाते हैं,लेकिन कौन से कार्य की कितनी मजदूरी मिली है।इसको चाह करके भी नहीं जान पाते है।जिससे गांव में आए दिन लड़ाई झगड़ा विवाद होना आम बात हो गई है।इस सम्बन्ध में मनरेगा पदाधिकारी कुणाल प्रसाद ने कुछ भी नही बता रहे है।

रिपोर्ट-सोनू कुमार 

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