मानव व्यपार का मकड़ जाल…

दुनिया भारत को सस्ते श्रम बाजार के रूप में देखती है और भारत का श्रेष्ठी वर्ग आदिवासी, गरीब और पिछड़े इलाकों में इसी सस्ते श्रम की तलाश में रहता है।इसी सस्ते श्रम का सबसे बुरा नतीजा मानव दुर्व्यापर के रूप में लगातार सामने आ रहा है।सबसे खराब हालात छत्तीसगढ़ और झारखंड सरीखे राज्यों के हैं,जहां […]

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