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सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने किया सजा का एलान लालू को मिली साढ़े तीन साल की सजा, व 5 लाख रुपये का जुर्माना…

चारा घोटाला के देवघर ट्रेजरी से जुड़े केस में शनिवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सजा का एलान किया।लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा हुई।इसके अलावा कोर्ट ने उन पर पांच लाख का जुर्माना लगाया है।वकील ने कहा कि अगर वे जुर्माना नहीं देते तो उस स्थिति में उन्हें 6 महीने और जेल में रहना पड़ेगा।लालू को अब जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील करने पड़ेगी।कोर्ट ने दोषी करार दिए गए आरोपियों को जेल भेजने को निर्देश दिया था।इसके बाद 23 दिसम्बर की शाम लालू को बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल लाया गया।चारा घोटाले के मामले में लालू को सातवीं बार जेल जाना पड़ा।आपको बताते चलेकि कुल 55 मामलों में से यह 33वां है।लालू दूसरे मामले में दोषी करार दिए गए हैं।आरजेडी चीफ पर चारा घोटाले के 6 केस चल रहे हैं।गौर करे की चाईबासा कोषागार (ट्रेजरी) से 37.70 करोड़ रु. की फर्जी तरीके से निकासी के अन्य मामले में लालू को अक्टूबर 2013 में 5 साल की सजा सुनाई थी।

उन्हें बाद में हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।5 अन्य केस में सुनवाई जारी है।इस मामले में सीबीआई ने 27 अक्टूबर 1997 को 38 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।इनमें से 11 की मौत हो चुकी है।बिहार सरकार ने 1991 से 1994 के बीच मवेशियों की दवा और चारा खरीदने के लिए सिर्फ 4 लाख 7 हजार रुपए ही पास किए थे।जबकि इस दौरान देवघर ट्रेजरी से 6 फर्जी अलॉटमेंट लेटर से 89 लाख 4 हजार 413 रुपए निकाले गए।एक सीबीआई ऑफिशियल के मुताबिक, इस केस में 38 लोगों को आरोपी बनाया गया था।इनमें 11 लोगों की मौत हो चुकी है।3 सरकारी गवाह बन गए थे।दो ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था, जिन्हें 2006-07 में दोषी करार दिया गया था।बाकी बचे 22 आरोपियों पर केस चल रहा था।आपको मालुम हो की बिहार के सीएम और वित्त मंत्री लालू प्रसाद पर आरोप था कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले की इन्क्वायरी के लिए आई फाइल को 5 

जुलाई 1994 से 1 फरवरी 1996 तक अटकाए रखा।फिर 2 फरवरी 1996 को जांच का आदेश दिया।चारा घोटाला मामले में कोषागार से फर्जीवाड़ा कर करीब 90 लाख रुपये की निकासी करने के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को सजा सुना दी गयी है।सीबीआई की विशेष अदालत के जज शिवपाल सिंह ने लालू प्रसाद को साढ़े तीन साल की जेल और पांच लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनायी।उन्हें 420, 120बी व अन्य धाराओं के तहत सजा सुनायी गयी।जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर लालू प्रसाद और अतिरिक्त 6 महीने जेल में रहना होगा।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये चारा घोटाला के सभी आरोपियों को सजा सुनायी गयी।सबसे पहले सप्लायरों और ट्रांसपोर्टरों को एवं सबसे अंत में राजनेताओं की सजा का एलान किया गया।इससे पहले,संवाददाताओं से बात करते हुए लालू की सुरक्षा में लगे सिक्‍यूरिटी इंचार्ज ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक कोर्ट की तरफ से कोई निर्देश नहीं आया है।कोर्ट के निर्देश के बाद ही लालू को जेल से कोर्ट ले जाया जायेगा।दूसरी ओर वकील अशोक कुमार ने बताया कि चारा घोटाले के दूसरे मामले (डोरंडा कोषागार निकासी मामला) में आज पेशी है,जिसमें लालू को सशरीर उपस्थित नहीं होना है।वकील अशोक कुमार ने बताया कि सभी प्रकार की सुनवाई शुक्रवार को ही पूरी हो गयी है।अब यह कोर्ट पर निर्भर करता है कि लालू को सजा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनायी जाती है या कोर्ट रूम में बुलाकर।आपको बता दें कि चारा घोटाला के आरसी-64 ए/96 मामले में जेल में बंद लालू प्रसाद को लेकर शुक्रवार को फैसला सुनाया जाना था।शुक्रवार  को एक बार फिर सिविल कोर्ट परिसर में सुबह से ही लालू के समर्थकों के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया था।इसी बीच राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा समर्थकों के  साथ पहुंचे थे।थोड़ी देर बाद राजद के पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह भी कोर्ट पहुंचे।हालांकि कुछ समर्थक पसोपेश में भी दिखे।लालू के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने दावा किया है कि शनिवार का दिन सभी दोषियों को सजा सुनाने के लिए मुकर्रर हुआ है।हालांकि शुक्रवार को होटवार जेल में बंद लालू प्रसाद समेत चार अन्य दोषियों पूर्व विकास आयुक्त फूलचंद सिंह,आपूर्तिकर्ता राजा राम जोशी,पूर्व पशुपालन सचिव महेश प्रसाद और पूर्व विधायक आरके राणा की सजा पर ही सुनवाई पूरी हुई है।अभी छह दोषियों की सजा पर सुनवाई होनी बाकी है।न्यायाधीश ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अल्फाबेट के आधार पर सुनवाई की…।

रिपोर्ट-न्यूज़ रिपोटर 

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