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रेड के लिए CBI ने चुना था खास दिन, 24 घंटे पहले पटना पहुंच चुकी थी टीम….

लालू यादव के 12 ठिकानों पर सीबीआई के छापे के एक दिन बाद शनिवार को इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने उनकी बेटी मीसा भारती और उनके पति शैलेष से जुड़े तीन ठिकानों पर छापे डाले।ऐसा कहा जा रहा है कि यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग केस में की जा रही है।कुछ दिन पहले, इसी मामले में ईडी ने मीसा भारती और उनके पति शैलेष से पूछताछ की थी।ये फार्महाउस उनके पति शैलेष कुमार और मेसर्स मीशैल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े हैं। ईडी ने शनिवार सुबह मीसा भारती और शैलेश के तीन ठिकानों पर छापे डाले गए।इनमें दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के नजदीक बिजवासन का फार्महाउस भी शामिल है। इसके अलावा सैनिक फार्म और घिटोरनी के ठिकाने भी हैं। हालांकि, ईडी ने अभी तक इन छापों को लेकर कोई बयान नहीं दिया और न छापों की वजह बताई। बतादें कि

मीसा भारती लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी और राज्यसभा सांसद हैं।न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईडी के अफसरों ने बताया कि इन ठिकानों के अलावा दो और जगहों की पहचान की गई है।वहां बाद में सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।ये सर्च ऑपरेशन जैन ब्रदर्स बीरेंद्र और सुरेंद्र कुमार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई।ईडी को शक है कि कारोबारी बीरेंद्र जैन और सुरेंद्र कुमार जैन ने करीब 8000 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग की है।जैन ब्रदर्स ने ही मीसा को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए दिल्ली के बिजवासन में करीब डेढ़ करोड़ का फार्म हाउस दिलाया।मई में इसी मनी लॉन्ड्रिंग केस में भारती के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीएम) राजेश अग्रवाल को एन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट ने अरेस्ट कर किया था।इस मामले में शेल कंपनियों के कारोबारी बीरेंद्र जैन और सुरेंद्र जैन की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है।फिलहाल वो जेल में हैं।उन पर कई हाई-प्रोफाइल लोगों की ब्लैकमनी को व्हाइट करने का आरोप है।जैन ब्रदर्स पर क्या है आरोप ? आपको बताते चले की जैन ब्रदर्स पर आरोप है कि उन्होंने मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार की बंद पड़ी कंपनी मीशैल पैकर्स के 10 रुपए मूल्य के 1 लाख 20 हजार शेयर 90 रुपए प्रीमियम पर खरीदे। फिर इस पैसे का इस्तेमाल दिल्ली के बिजवासन में 1.41 करोड़ रुपए में 3 एकड़ का फार्म हाउस खरीदने में किया गया।ईडी के मुताबिक, जैन ब्रदर्स पर नेताओं और उनके परिवार वालों की ब्लैकमनी को शेल कंपनियों के जरिए लीगल करने के एवज में कमीशन लेने का आरोप है। ईडी ने इस फार्म हाउस को भी जब्त कर लिया है। 

रेलवे टेंडर स्कैम मामले में फंसे लालू, 7 लोगों पर FIR…
सीबीआई ने शुक्रवार सुबह आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव से जुड़े 12 ठिकानों पर छापे मारे थे।छापेमारी की यह कार्रवाई 7:30 बजे से पटना, रांची, भुवनेश्वर, दिल्ली और गुड़गांव के ठिकानों पर की गई थी।पटना में लालू-राबड़ी के घर की भी तलाशी ली गई।सीबीआई ने बताया कि लालू राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 7 लोगों और एक कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी-आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया है।जांच एजेंसी के मुताबिक, 2006 में जब लालू रेलमंत्री थे, तब रांची और पुरी में होटलों के टेंडर जारी करने में गड़बड़ी की गई।इस बीच, लालू ने छापेमारी को बदले की कार्रवाई कहा है।इससे पहले 1000 करोड़ की बेनामी प्रॉपर्टी के मामले में 16 मई को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लालू से जुड़े 22 रियल एस्टेट कारोबारियों के यहां छापेमारी की थी।सीबीआई के मुताबिक, जांच एजेंसी ने 5 जुलाई को लालू समेत 7 लोगों और एक कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।आरोप है कि लालू ने जमीन लेने के लिए रेल मंत्री के पद का गलत इस्तेमाल किया। इसके लिए मेसर्स सुजाता होटल्स और डिलाइट मार्केटिंग के साथ मिलकर धोखाधड़ी की और आपराधिक साजिश रची गई।क्या है रेलवे टेंडर मामला ? सीबीआई के एडिशनल डायरेक्टर,राकेश अस्थाना ने बताया था कि-लालू यादव रेल मंत्री थे,तब रेलवे के पुरी और रांची स्थित बीएनआर होटल को IRCTC को ट्रांसफर किया था।इन्हें रखरखाव और इम्प्रूव करने के लिए लीज पर देने की प्लानिंग थी।इसके लिए टेंडर विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को दिए गए। टेंडर प्रोसेस में हेरफेर किया गया था। डेंटर की यह प्रॉसेस आईआरसीटीसी के उस वक्त के एमडी पीके गोयल ने मीसा भारती लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी और राज्यसभा सांसद हैं।न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईडी के अफसरों ने बताया कि इन ठिकानों के अलावा दो और जगहों की पहचान की गई है।
पूरी की टेंडर के एवज में 25 फरवरी, 2005 में कोचर ने 3 एकड़ जमीन सरला गुप्ता की कंपनी मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी लिमिटेड (डीएमसीएल) को 1.47 करोड़ रुपए में बेच दी, जबकि बाजार में उसकी कीमत 1.93 करोड़ रुपए थी। इसे एग्रीकल्चर लैंड बताकर सर्कल रेट से काफी कम पर बेचा गया, स्टाम्प ड्यूटी में गड़बड़ी की गई।बाद में 2010 से 2014 के बीच यह बेनामी प्रॉपर्टी लालू की फैमिली की कंपनी लारा प्रोजेक्ट को सिर्फ 65 लाख में ट्रांसफर कर दी गई, जबकि सर्कल रेट के तहत इसकी कीमत करीब 32 करोड़ थी और मार्केट रेट 94 करोड़ रुपए था।एफआईआर में आरोप है, कोचर ने जिस दिन डीएमसीएल के फेवर में यह सौदा किया,उसी दिन रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी को उसे बीएनआर होटल्स सौंपे जाने के अपने फैसले के बारे में बताया।12 नवंबर, 2016 को कंपनी का नाम बदलकर लारा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कर दिया गया। ला मतलब लालू,रा यानी राबड़ी।
रिपोर्ट-न्यूज़ रिपोटर 

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