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बाढ़ राहत से जुड़ी जनरल रिलीफ (जीआर) की राशि के वितरण में डीसीएलआर के सरकारी वाहन चालक के परिवार के सभी सदस्यों को मिली जीआर राशि, मामला का पर्दाफांस,जांच जारी है…

बाढ़ राहत से जुड़ी जनरल रिलीफ (जीआर) की राशि के वितरण में नगर परिषद क्षेत्र में अनियमितता सामने आई है।डीसीएलआर के सरकारी वाहन चालक के परिवार के सभी सदस्यों को जीआर राशि दी गई है।नियम के अनुसार बाढ़ पीड़ित परिवार के मुखिया को ही यह राशि देने का प्रावधान है।मामले में नगर परिषद की ओर से जांच बिठा दी गई है।नगर परिषद की ओर से जीआर राशि वितरण सूची वेबसाइट पर अपलोड की गई है।सूची के अनुसार नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 23 निवासी मो०करीम की पत्नी और उसके पुत्र वसीम अंसारी ने भी जीआर राशि का उठाव किया है।वसीम लोक शिकायत निवारण केंद्र में कंप्यूटर ऑपरेटर है।पिता-पुत्र के अलावा इस परिवार के दामाद व बेटी ने भी राहत राशि ली है।इन लोगों के अलावा इस परिवार के अन्य सदस्यों को भी राहत राशि मिली है।मामले को लेकर स्थानीय रुईधासा निवासी आबिद हुसैन ने जिलाधिकारी, एसडीएम और नगर 

परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन देकर जांच की मांग की है।उसने आरोप लगाया है कि पिता-पुत्र के सरकारी कार्यो से जुड़े रहने के कारण तहसीलदार ने उसके परिवार के सभी सदस्यों का नाम सर्वे सूची में डाल दिया जबकि इस परिवार में सिर्फ चार लोग ही शादीशुदा हैं।इस परिवार में एक पति-पत्नी दोनों ने राहत राशि का उठाव किया है।किशनगंज नप में जीआर राशि वितरण में घोटाला डीसीएलआर के चालक का है परिवार नगर परिषद के वार्डो में बाढ़ पीड़ित परिवारों के सर्वे का काम तहसीलदार को दिया गया था।वार्ड 23 में एक ही परिवार के सात लोगों द्वारा जीआर राशि लेने का मामला संज्ञान में आया है।मामले की जांच कराई जारही है।

नगर परिषद लाभ लेने वाले लोग…

  • नासरीन,पति मो० करीम ।
    मो० वसीम अंसारी,पिता मो० करीम अंसारी ।
    रोशन आरा (बेटी मो० करीम) पति मो० कमर आजम ।
    कमर आजम,पिता शेख तेजारत ।
    मो० सरवर अंसारी,पिता मो० करीम ।
    मो० हाशिम अंसारी,पिता मो० करीम ।
    साहिन परवीण (बहू मो० करीम) पति मो० मुस्तकीम ।

दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।इरफान आलम,कार्यपालक पदाधिकारी,सवाल:-यह की कैसे तहशीलदार से मिलीभगत कर के GR राशि का बंदरबाट किया गया उच्च स्तरीय जांच का बिषय है की कैसे करके सरकारी वाहन चालक के परिवार के सभी सदस्यों को जीआर राशि दी गई है।जब की नियम के अनुसार बाढ़ पीड़ित परिवार के मुखिया को ही यह राशि देने का प्रावधान है।इस

अनिमियता में कौन कौन लोग शामिल है…? क्या वार्ड आयूक्त मनोज हासदा को इसकी जानकारी नहीं थी की एक ही परिवार के सात लोगो को GR राशि दे दी गई…सूत्रों के मुताबिक मनोज हांसदा अपने से कोई कार्य नहीं करता बल्कि वार्ड आयूक्त ने जान-बूझकर ऐसा किया है या करवाने का दबाब डाला है…जिनके-जिनके एकाउंट में GR राशि दी गई है वो जाँच से ही पता चलेगा की आखिर राज क्या है और इनमे कौन कौन मान्यवर शामिल है आने वाले अंक में विस्तार से दिया जाएगा GR राशि का खेल में किन किन मान्यवरो की संलिप्ता है।एक बात और गौर करनेवाली यह है की भारत स्व्च्छता अभियान का पोल खुलता वार्ड सं-23 में दिख

रहा है लोगो का कहना है की वार्ड आयूक्त मनोज हसदा स्वच्छ भारत अभियान का खुल्लम खुल्ला ध्जिया उड़ाते हुए वार्ड पर ध्यान नहीं दे रहे जिस कारण वार्डवासियों में नराजगी देखने को मिली आपको मालुम हो की किशनगंज वार्ड-सं-23 धार्मिक स्थल हनुमान मंदिर के पीछे कूड़ा-कचड़ा का अम्बार लगा हुआ है वार्डवासी परेशान है पर वार्ड आयूक्त दलालों के चक्करो में वार्ड पर ध्यान नहीं दे 

रहे है।वार्डवासियो का कहना है की वार्ड में कोई कार्य नहीं दिख रहा है आपको बताते चले की बिहार वासियों का महान पर्व दीपावली, छठ पूजा का नजर अंदाज करते हुए साफ़ सफाई पर बिलकुल ही ध्यान नगर परिषद् को या वार्ड आयूक्त को नहीं है।लोगो को कूड़ा-कचड़ा का सामना करना पर रहा है…वार्डवासियो ने कहा की अगर ससमय इसे साफ़ नहीं किया गया तो हम लोग नगर परिसद में अपना विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे क्या यही है भारत की स्वच्छ मिशन की आगाज है….

रिपोर्ट-धर्मेन्द्र सिंह

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