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पैसे ना देने पर महिला के टांके तक नहीं काटे, 10 साल का बेटा कुंदन पैसा जुटाने के लिए गांव-गांव जाकर माँगा भीख, सांसद पप्पू यादव आए मसीहा बन तब मिली अस्तपताल से छुठ्ठी…

पटना हॉस्पिटल में भर्ती मां की छुट्टी कराने और बिल चुकाने के लिए 10 साल के कुंदन ने कई दिन तक गांव-गांव जाकर भीख मांगी।कुछ लोगों ने जब बच्चे से पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ।घटना बिहार की राजधानी पटना की है,यहां के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में महिला को करीब 13 दिन पहले भर्ती कराया गया था।फैमिली का आरोप है कि डॉक्टरों ने उन्हें 70 हजार रुपए का बिल दिया।किसी तरह उन्होंने 50% बिल पेमेंट कर दिया।इसके बाद भी डॉक्टरों ने महिला को हॉस्पिटल से जाने की इजाजत नहीं दी।उसे कई दिन तक रोके रखा और ऑपरेशन के बाद टांके भी नहीं काटे।रविवार को मधेपुरा के

जानकारी के मुताबिक,महिला और उसकी फैमिली मधेपुरा के हनुमान नगर इलाके में रहती है।16 दिन पहले उसे अचानक पेट में दर्द उठा।फैमिली उसे सहरसा के एक हॉस्पिटल में ले गई।वहां डॉक्टरों ने बताया कि महिला के पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो गई है।उन्होंने इलाज के लिए पटना जाने की बात कही।

सांसद पप्पू यादव हॉस्पिटल पहुंचे और पुलिस को बुलाकर महिला की छुट्टी कराई।वहां डॉक्टर ने 5 हजार रुपए जमा करा लिए और महिला को पटना के हॉस्पिटल में एडमिट करा दिया। यहां उसका ऑपरेशन किया गया।डॉक्टरों ने इलाज के बदले फैमिली को 70 हजार का बिल थमा दिया।फैमिली का आरोप है कि जब उन्होंने आधा बिल चुकाने के बाद घर जाने की बात कही,लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें रोक लिया।पैसे ना देने पर महिला के टांके तक नहीं काटे।इस बीच उनका 10 साल का बेटा कुंदन पैसा जुटाने के लिए गांव-गांव जाकर भीख मांगने लगा।मामले की जानकारी मिलने पर मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव रविवार को पटना पहुंचे।पुलिस और सिविल सर्जन को हॉस्पिटल बुलाकर डॉक्टरों से बात की।महिला का बकाया बिल माफ कराने के बाद उसे एम्बुलेंस से गांव भेजा गया।सिविल सर्जन ने जब दस्तावेजों की जांच की तो सामने आया कि हॉस्पिटल बिना लाइसेंस और परमिशन के चल रहा था।उधर,हॉस्पिटल की ओनर डॉ. निशा भारती ने कहा,मुझे घटना की जानकारी नहीं है,कुछ दिनों से मेरी तबीयत खराब थी।महिला के पति के आरोप गलत हैं।पटना पुलिस ने रविवार को हॉस्पिटल ओनर से पूछताछ की।वहीं,महिला के पति ने दावा किया है कि निशा भारती ने ही पत्नी का ऑपरेशन किया था।सांसद पप्पू यादव ने कहा,बिहार की राजधानी में कई हॉस्पिटल चल रहे हैं,जिनके पास लाइसेंस नहीं है।डॉक्टर लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर इलाज के नाम वसूली करते हैं।मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती कराने के बदले एम्बुलेंस वाले कमीशन लेते हैं।ऐसे लोगों के खिलाफ सख्स कार्रवाई होनी चाहिए।

क्या है पूरा मामला…

नेता हो तो पप्पू यादव जैसा हो…आपको मालूम हो कि पटना बिहार के हेल्‍थ सिस्‍टम को लाख तमाचा मारती भयावह खबर आज रविवार 26 नवंबर की सुबह पटना से आ रही है।तार मधेपुरा से भी जुड़ता है।माफियागीरी की अंतहीन कहानी भी बयां हो रही है।यह कहानी मधेपुरा की रहनेवाली लालती देवी की है।पति का नाम निर्धन राम,आज लालती देवी की मदद में मधेपुरा के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्‍पू यादव आगे नहीं आते तो अस्‍पताल की बेरहमी अभी और जारी रहती।बड़े बेटे ने तो अस्‍पताल से मां को छुड़ाने के लिए मधेपुरा में भीख मांगना शुरु कर दिया था।लालती देवी प्रेग्‍नेंट थी।मधेपुरा में फर्जी किस्‍म के डा.प्रमोद से मुलाकात हुई।उसने पटना रेफर कर दिया।अब मालूम हो रहा है कि प्रमोद डाक्‍टर नहीं एंबुलेंस रैकेट का मेंबर है।प्रमोद के कहे अनुसार पटना के कुम्‍हरार में लालती देवी को मां शीतला इमरजेन्‍सी हास्पिटल में भर्ती कराया गया।इस हास्पिटल को स्‍वयं को डाक्‍टर बताने वाली डा.निशा भारती चलाती है।पटना में अस्‍पताल में भर्ती होने के बाद डा.निशा भारती ने लालती देवी और उसके परिवार वाले को बताया कि पेट में पल रहा बच्‍चा मर चुका है।आपरेशन कर मरे बच्‍चे को बाहर निकालना होगा।शोक संतप्‍त परिवार ने हामी भर दी।बताया जाता है कि आपरेशन के बाद पेट से निकले मरे बच्‍चे को फेंक दिया गया।डा.निशा भारती ने आपरेशन के बाद कहा कि लालती देवी को अब अस्‍पताल से छुट्टी तभी मिलेगी,जब 70 हजार रुपये चुकता होंगे।लालती के पति ने किसी तरीके से पचास हजार रुपये का भुगतान किया।कुछ अकांउट में तो कुछ नकदी,लेकिन अस्‍पताल कई दिनों से लालती देवी का टांका काटने से इंकार करता रहा।साफ कहा गया कि पहले पैसा दो,अस्‍पताल में लालती देवी को दोनों शाम खाना देना भी बंद कर दिया गया।एक शाम खाना देकर लालती देवी को भूखा रखा जाने लगा।पटना में अस्‍पताल में मां की हालत को जान बड़ा बेटा कुंदन,जो अभी मासूम ही है,मधेपुरा में भीख मांगने लगा।उसने लोगों को बताया कि मां को अस्‍पताल से छ़ड़ाने के लिए भीख चाहिए खबर मीडिया को लगी। आज 26 नवंबर की सुबह

पटना के एक हिंदी अखबार ने पूरी कहानी छापी।अखबार के रिपोर्टर को भी अस्‍पताल प्रबंधन ने बिना पैसा लिए लालती देवी को छोड़ने से मना कर दिया था।थाना का कहना था कि पहले कंप्‍लेन मिलेगा तक देखेंगे।मधेपुरा के सांसद पप्‍पू यादव आज रविवार की सुबह पटना में ही थे।उन्‍होंने अखबार में छपी खबर देखी।स्‍वयं जाने के पहले अपने साथियों को अस्‍पताल भेजा। अस्‍पताल प्रबंधन अब भी रौब में ही था।फिर खुद पप्‍पू यादव पहुंच गये।हंगामा बढ़ गया।पप्‍पू यादव को आये देख अस्‍पताल प्रबंधन ने बहुत जल्‍दी में लालती देवी को डिस्‍चार्ज कर दिया।अब पैसे की मांग अस्‍पताल भूल चुका था।पप्‍पू यादव ने अस्‍पताल के बाहर बैठी लालती देवी को सहारा दिया।रुपये से मदद की।अब वे अस्‍पताल के सच को बेपर्द करने के आपरेशन में लगे,ललिता देवी का आपरेशन करने वाली निशा भारती भी डाक्‍टर नहीं है।सांसद पप्‍पू यादव ने डाक्‍टर होने का प्रमाण दिखाने को कहा।लेकिन वह मुंह छुपाने लगी।जब तेज आवाज में पप्‍पू बोले तो निशा भारती ने सच्‍चाई उगली।कहा कि वह डाक्‍टर नहीं,जीएनएम है।पप्‍पू यादव ने अब पुलिस प्रशासन और सिवलि सर्जन को कॉल कर लिया।बाद में पता चला कि मां शीतला देवी इमरजेंसी हास्पिटल को हास्पिटल संबंधी कई जरुरी लाइसेंस भी प्राप्‍त नहीं है।मतलब यहां फर्जी अस्‍पताल और फर्जी इलाज चल रहा था।अब तक पैसे के लिए लालती देवी को बंधक बना रखे अस्‍पताल की निशा भारती अब पप्‍पू यादव के सामने गिड़गिड़ा रही थी।बकौल पप्‍पू यादव निशा भारती ने करीब आकर कहा कि सर,आप चुप हो जाइए।हम अभी आपको दस लाख रुपये नकद देते हैं।पप्‍पू यादव नहीं माने और प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने को कहा।पप्‍पू यादव की पार्टी के नेता प्रेमचंद सिंह ने बताया कि पटना के सिवलि सर्जन पूरे मामले की जांच के बाद अस्‍पताल प्रबंधन के खिलाफ इलाज में लापरवाही और गलत तरीके से अस्‍पताल चलाने की प्राथमिकी दर्ज कराने को तैयार हो गये हैं।

रिपोर्ट-न्यूज़ रिपोटर 

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