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पत्रकार को स्कार्पियो से कुचलकर हत्या, आरोपी हरसू मियां है दंगे का आरोपी, बाप-बेटे पर चल रहे 5 मुकदमे…

आरा के पत्रकार नवीन निश्चल और उनके साथी विजय सिंह की स्कार्पियो से कुचलकर हत्या के मामले में 26.03.2018 की सुबह पुलिस ने मुख्य आरोपी पूर्व मुखिया पति मो.हरसू मियां उर्फ अहमद अली को गिरफ्तार कर लिया।हरसू को गड़हनी से पकड़ा गया।हरसू का बेटा डबलू अभी फरार है।नवीन के छोटे भाई राजेश सिंह ने हरसू मियां व उसके बेटे और दो अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कराई है।इस बीच,एसपी अवकाश कुमार ने मामले की जांच के लिए आरा सदर डीएसपी संजय कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है।मालूम हो की पटना से आई एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाया।इधर, घटना के दूसरे दिन भी हत्या से आक्रोशित लोगो ने आरा-सासाराम स्टेट हाईवे को जाम कर दिया।वे आरोपियों की गिरफ्तारी,स्पीडी ट्रायल,हरसू की संपत्ति जब्त करने और पत्रकार के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।दिवंगत पत्रकार के छोटे भाई राजेश सिंह का आरोप है कि गड़हनी बाजार में शाम में हरसू मियां से नवीन का विवाद हुआ था।

उसने धमकी भी दी थी।वह मनमाफिक खबर लिखने के लिए दबाव देता था।खिलाफ में खबर लिखने के कारण हरसू नवीन से खफा था।दिवंगत पत्रकार के छोटे भाई राजेश बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं।पत्रकार नवीन निश्चल व उनके साथी विजय सिंह को स्कॉर्पियो से कुचलकर मार डालने के मामले में पकड़ा गया गड़हनी की पूर्व मुखिया का पति हरसू मियां पहले सीआरपीएफ में कार्यरत था।बाद में उसने पंचायत की राजनीति में कदम रखा।पुलिस के अनुसार हरसू मियां उर्फ अहमद अली पर वर्ष 2013 में दंगा फैलाने का आरोप लगा था।इस मामले में उस पर चरपोखरी थाने में तीन केस हुए थे।जबकि,उसके तीन बेटों में से एक बुल्लू पर एक केस हुआ था।इसमें उसे बेटे सहित जेल भी जाना पड़ा था।हरसू का एक बेटा बिहार पुलिस में सिपाही है और पटना में तैनात है।तीसरा बेटा डबलू पत्रकार नवीन व उनके साथी की हत्या में अभियुक्त बनाया गया है।जो अभी फरार है।इसके अलावा हरसू पर वर्ष 2017 में रंगदारी एवं एसी/एसटी एक्ट को लेकर भी चरपोखरी थाने में अलग से केस हुआ था।फिलहाल,हरसू को पुलिस ने पत्रकार नवीन व विजय की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।आरोप के घेरे में आया उसका एक बेटा डबलू फरार है।हरसू ने पुलिस को बताया कि वह कोलकाता में है।अब पुलिस हरसू से पत्रकार नवीन के साथ विवाद की जांच कर रही है।यह भी

पता कर रही है कि दुर्घटना वाले दिन उसका पत्रकार नवीन से किस बात पर विवाद हुआ था। दरअसल,उस विवाद के कुछ घंटों बाद ही पत्रकार को उसी की स्कॉर्पियो से रौंदकर मार डाला गया।पुलिस के सामने हरसू ने कबूला है कि जिस समय पत्रकार नवीन की बाइक को टक्कर मारी,उस वक्त स्कॉर्पियो वही चला रहा था।ऐसे में जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि अगर हरसू खुद स्कॉर्पियो ड्राइव कर रहा था,तो उसे खरोंच तक क्यों नहीं आयी।ऐसे में पूरी गुंजाइश है कि हरसू का बेटा डबलू ही स्कॉर्पियो चला रहा होगा और हादसे की शक्ल देकर नवीन व उसके साथी को कुचलकर मार डाला।इस क्रम में डबलू को भी चोट आई होगी,इसलिए अंडरग्राउंड हो गया।अब पिता हरसू अपने दागी बेटे डबलू को बचाने के लिए पुलिस को भरमा रहा है।अब,कांड के समय,उसके ठीक पहले और बाद में डबलू के मोबाइल लोकेशन से उसकी मौजूदगी का राजफाश हो सकता है।घटनास्थल के आसपास के कुछ लोगों का कहना है कि दुर्घटना के बाद स्कॉर्पियो सवार लोगों को लेने दो बाइक सवार आए।जिस पर बैठकर वे लोग मौके से भाग निकले।भोजपुर के एसपी अवकाश कुमार ने पत्रकार की हत्या की जांच के लिए सदर एसडीपीओ संजय कुमार एवं अगिआंव सर्किल के इंस्पेक्टर बुंझी मांझी के नेतृत्व में एक एसआईटीम टीम का गठन किया है।जिसमें चरपोखरी के थानाध्यक्ष विश्वजीत,पवना के थानाध्यक्ष रामइकबाल, गड़हनी के थानाध्यक्ष शमीम अहमद एवं डीआईयू इंचार्ज राजीव कुमार को शामिल किया गया है।जिसकी मॉनिटरिंग भोजपुर के एसपी के अलावे पटना के जोनल आईजी नैयर हसनैन खां भी कर रहे हैं।दिनांक-25.03.2018 की रात घटना के बाद से ही पुलिस एक्शन में आ गई थी।खुद एसपी अवकाश कुमार भी रात में बगवां गांव गए थे।पत्रकार नवीन के छोटे भाई राजेश पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं।उन्होंने ही हरसू मियां,उसके बेटे डबलू व दो अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करायी है।

उनका कहना है कि हरसू पहले से ही नवीन से खफा चल रहा था।वह आए दिन अपने पक्ष में खबर लिखने का दबाव देता था।घटना वाले दिन भी गड़हनी बाजार में हरसू ने नवीन से बकझक की थी और देख लेने की धमकी दी थी।इसके बाद अपनी ही स्कॉर्पियो से बाइक पर जा रहे नवीन व उनके साथी को रौंदकर मार डाला।हरसू ने पूछताछ में कबूला कि स्कार्पियो वही चला रहा था।पर पत्रकार से विवाद से इनकार किया। बेटे के बार में कहा कि वह पहले से कोलकाता में है।इधर,नवीन और उनके साथी का अंतिम संस्कार महुली गंगा घाट पर किया गया।बेटे ने मुखाग्नि दी।दूसरी ओर,पटना में पत्रकारों का शिष्टमंडल सीएम नीतीश कुमार से मिला।हत्यारों को स्पीडी ट्रायल के तहत सजा दिलाने और पत्रकारों को सुरक्षा देने की मांग की।सीएम ने घटना पर दुख जताते हुए न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिया।कहा कि एक आरोपी गिरफ्तार हो चुका है।अन्य भी जल्द पकड़े जाएंगे।इस बीच,घटना के विरोध में पत्रकारों ने राज्यभर में कैंडल मार्च निकाला।विपक्ष ने आरा पत्रकार हत्याकांड को मुद्दा बनाया।सरकार को खूब घेरा।कहा-यह प्रदेश में ध्वस्त हुई कानून व्यवस्था की गवाही है।शासन का इकबाल खत्म हो गया है।दबंग लोग मनमर्जी चलाने लगे हैं।इसमें

भी जो भी बाधक बनता है,उसे रास्ते से हटा देते हैं।दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इस मामले में पूरी सख्ती बरती जा रही है।कानून व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।यह कायम है,आगे भी रहेगी।नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पत्रकार हत्याकांड के हवाले सरकार को निशाने पर लिया।कहा-इससे अराजक स्थिति और क्या हो सकती है।बोलने वाले की जुबान ही बंद कर दो।पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इस इस घटना की तीखी भर्त्सना की।बोलीं-इतने के बावजूद कहा जा रहा है कि राज्य में कानून का राज है।राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा-नीतीश सरकार की कानून व्यवस्था चौपट है।यहां कोई सुरक्षित नहीं है।नीतीश कुमार इस्तीफा दें।हम के प्रवक्ता डॉ.दानिश रिजवान ने सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की।उन्होंने पीड़ित परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजा व परिजनों को सरकारी नौकरी देने की बात कही।इधर,सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आरा की घटना अत्यंत दुखद है।पत्रकार और उनके साथी की मौत पर वे लोग भी राजनीति कर रहे हैं, जिनके एक पूर्व सांसद के इशारे पर सीवान में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या कर दी गई थी।आरा में दो पत्रकारों की साजिशन हत्या पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने दुख व्यक्त किया है।उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाते हैं।पत्रकारों की आवाज को दबाने की इस तरह की आपराधिक साजिश को कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता है।सरकार ऐसे लोगों से सख्ती से निपटेगी।उन्होंने इसकी जांच कर हत्या में शामिल दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ है।पांडेय ने शोक संतप्त परिवार को संकट की घड़ी में धैर्य रखने की प्रार्थना की।पटना से एफएसएल की टीम को भोजपुर भेजा गया।घटनास्थल पर पहुंच टीम ने साक्ष्य एकत्र किया।पूरे मामले को जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खान मॉनिटरिंग कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि एसआईटी की जांच शुरू हो गई है।एक आरोपी मो.हरसू को गिरफ्तार कर लिया गया है।उसका आरोपी बेटा फरार चल रहा है।उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

रिपोर्ट-न्यूज़ रिपोटर 

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