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दारोगा आत्महत्या मामले मे मुजफ्फरपुर एसएसपी कॊ फँसाने की साजिस, पुलिस मुख्यालय करवा रही है हर पहलु पर जाँच, जमीन खरीद बिक्री मामले मे भी मोटी रकम डूबने से सदमें मे था संजय…

मुजफ्फरपुर जिला के काँटी थाना अन्तरर्गत पानापुर ओपी के थानाध्यक्ष संजय गौर की आत्महत्या मामले कॊ पुलिस मुख्यालय ने काफी गम्भीरता से लिया है।ज्ञातव्य हो की पिछले दिनो अपने साथी दारोगा हारून के सरकारी पिस्तौल से संजय का आत्महत्या किये जाने का मामला प्रकाश मे आय थे इसमे हारून कॊ सस्पेंड कर उनपर विभागीय करवाई आरम्भ किया गया है।संजय किस परिस्तिथियों मे और क्यों आत्महत्या किये ? क्या वजह थे इसके अलावे अन्य कई महत्वपूर्ण तथ्य पर जाँच आरंभ है।ईश मामले मे अनेकों सनसनी रहस्य खुलने लगे है और कई रहस्य खुलने का आसार है,तमाम पहलु पर खुद बिहार के पुलिस महानिर्देशक श्री पीके ठाकुर जाँच कराने मे लगे है।सूत्रों के अनुसार पुलिस महकमवे मे चर्चा है की श्री पीके ठाकुर काफी करी करवाई करने वाले और काफी कुशल अधिकारी है उन्हे किसी प्रकार की गड़बरी,कोताही,शिथिलता,लापरवाही कतई पसंद नही है।कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों पर उनके द्वारा करी करवाई किया जाता है।उन्होने दारोगा आत्महत्या मामले कॊ काफी गम्भीरता से लिया है।

एसएसपी ने किया है बड़ी बड़ी करवाई,माफिया और भ्रष्ट पुलिस कर्मी रच रहे है साजिस।

मुजफ्फरपुर एसएसपी  श्री विवेक कुमार रुपये माँगे जाने और आत्महत्या मामले मे खुद कॊ निर्दोष बता रहे है।एसएसपी  कई बड़े बड़े अपराधियों और शराब माफियाओं कॊ सबक सिखाने का कार्य किये है वही नही एसएसपी ने कई रिश्वतखोर दरोगाओं पर और शराबबंदी अभियान मे नाजायज रुपय लेने वाले भ्रष्ट पुलिस पदाधिकारी पर करवाई किया है।वहीँ नही,एसएसपी ने दुल्हन पिटाई मामले मे बड़ी तबाही से जिला को बचाया,किया था पुरे थाना के पुलिस कॊ सस्पेंड ॥गायघाट मामले मे दुल्हन और दूल्हे मामले मे ग्रमीणो द्वारा उग्र आंदोलन किये जाने पर एसएसपी ने हालात बिगड़ते देख कई पुलिस कर्मी पर करवाई किया था।थाना के पुलिस कर्मी को सस्पेंड करना पड़ा,यहाँ तक वहाँ अक्षम होने के कारण संजय गौर कॊ उतनी बड़ी जिमेवारी नही सौंपी गयी जिससे गायघाट के ग्रामीण भी कुशल थानाध्यक्ष कि माँग के साथ दुल्हन पिटाई मामले मे तमाम पुलिस कर्मी पर करवाई कि माँग करते हुये ग्रामीण कई दिनो तक आंदोलन पर उतारू थे,जिले का हालात बिगर रहे थे,जो काफी बिस्पोटक रूप धारण कर सकता था।दिन प्रतिदिन आंदोलन उग्र हो रहा था एसएसपी ने सूझ बुझ के साथ जिले कॊ बड़ी आंदोलन की तबाही से बचाया था ।

साजिस के तहद एसएसपी कॊ फंसाया जा रहा है ।

कई मामलो पर हुये करवाई पर और गायघाट मामले कॊ आरे लेकर कई भ्रष्ट पुलिस पदाधिकरी और अपराधी, शराब माफिया संजय गौर की पत्नी कॊ अस्त्र बनाकर एसएसपी को साजिस के तहत सबक सिखाने मे लगे हुये है।ज़मीन खरीद बिक्री मे मोटी रकम डूबने की सदमें की है चर्चा।सूत्रों के अनुसार संजय पुर्व से मोटी रकम ज़मीन कि खरीद बिक्री मे अपने कुछ सहयोगी डीलरों के माध्यम से पुर्व के पदस्थापना वाले स्थान पर लगाता था,उसके मोटी रकम डुबने से ओ काफी परेशान था।संजय पर पूर्व मे भी करवाई होने कि खबर है।

जाँच से अधिक भरोसा आईजी सुनील पर है आम जनता का…।

खुद को मौत के मुह मे ले जाने वाला संजय के ईश मामले मे सीआइडी जाँच किये जाने की करवाई जारी है।सीआइडी जाँच नवारुणा मामले मे विफल प्रतीत हुआ,अब सीआइडी की जाँच इसमे क्या रंग लाती है ये समय जाहिर करेगा,लोगो कॊ मुजफ्फरपुर के आईजी सुनील कुमार पर पुरा भरोसा है क्योंकि आईजी मुजफ्फरपुर मे एसपी रह कर अपने कुशल कार्य से लोगो का हृदय मे बास करते है।पुलिस मुख्यालय है गम्भीर,होगा दुध का दुध पानी का पानी आपको बताते चले की इस मामले में पुलिस मुख्यालय से कई आवश्यक निर्देश जारी किये गये है,जो ईश मामले मे दुध का दुध और पानी का पानी करेगा।पोस्टिंग मे रुपये लिये जाने और मांगे जाने की मामले मे कई प्रकार से जाँच मे अब तक यह आरोप झूठा साबित हुआ।सूत्रों के मुताबिक किसी अन्य बड़ी परेशानी के कारण ही  

संजय इतनी बड़ी घटना किये है जो काफी दर्दनाक घटना है।ईश घटना मे अनायास सीआइडी पर कीचड़ उछलने से सनसनी फैल गया है जानकारों का कहना है की साजिस के तहद एसएसपी को ईश मामले मे घसीटा जा रहा है।कई तथ्य खुलकर सामने झलक रहे है अगर उतनी मोटी रकम एसएसपी ने माँगा तो कानूनी करवाई के लिये ऊच्य स्तर पर शिकायत क्यों नही किया गया ? जब साढ़े छह लाख लिये गये तो ओ रिश्वत संजय क्यों दिया ? क्या संजय अपनी पोस्टिंग पसंदीदा जगह पर करवाने के लिये मोटी रकम प्रदान तमाम मर्यादा तोड़कर किया ? क्या पुलिस विभाग मे नाजायज रुपये के खेल पर आज भी तबादला और पोस्टिंग जारी है ? इन तमाम पहलु के अलावे अन्य तथ्य पर पुलिस के ऊच्य अधिकारी जांच करने मे लगे हुये है।एसएसपी विवेक कुमार कुशल और

कारगर अधिकारी मे गिने जाते है।गड़बड़ी पाने पर कई पुलिस कर्मी पर इन्होने करी करवाई किया है,मुजफ्फरपुर भागलपुर समेत अन्य जिले मे अपराधी और माफियाओं को इन्होने शांत कर अमन चैन स्थापीत करने का कार्य किया है,सूत्रों की माने तो यह एसएसपी को फँसाने कि उन तत्व के द्वारा बड़ी साजिस है जिन तत्व पर और उनके सहयोगी पर इनके द्वारा करवाई हुये है।यहाँ तक इसमे कई सफेद पोस नेता भी अपनी तरकीब तलाश रहे है,जिनके सहयोगी शराब माफिया और अपराधी पर एसएसपी ने कानून का हनक दिखाने मे करी करवाई किया है ।

एसएसपी के तबादले कि फैली अफवाह,कई माफिया द्वारा पटाखे फोड़ने की खबर ॥

मोतीपुर समेत कई जगह मंगलवार कॊ मुजफ्फरपुर एसएसपी श्री विवेक कुमार के तबादले की अफवाह किसी दुष्प्रचार वाले तत्व ने फैला दिया,जिससे कई शराब माफिया खुलेयाम पटाखा तक फोड़ने लगे,लेकिन यह तबादला का खबर झूठ निकला।संजय गौर की आत्महत्या मामले मे पुलिस मुख्यालय किसी प्रकार की कोताही नही बरतनी चाह रही है।हर पहलु पर ऊच्यस्तरीय जाँच जारी है।

वही बिहार पुलिस एसोंसीएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा है की एक कर्तवनिष्ठ युवा पुलिस पदाधिकारी थाना पानापुर ओ०पी० में संजय गौड़, ज़िला मजफरपुर आत्महत्या कर लिय।विगत कुछ वर्षों में कई कर्मठ पुलिस पदाधिकारी आत्महत्या किए जिसमें भोजपुर/बक्सर/ नवादा/जमुई पटना/पूर्णिया इत्यादि जिलो में पुलिसकर्मी आत्महत्या किए है।इसका कारण क्या..? इस सम्बंध में न्यायिक कमिटी का गठन कर जाँच ज़रूरी है।जाँच के बाद दोषी जो भी हो करवाई करवाई हो।कही-कही जिले में वरीय पदाधिकारी अपने अधिनशतो को मानसिक रूप से परेशान कर रहे है।पुलिस विभाग की जाँच पर एसोंसीएशन को भरोशा नही है।कारण की किसी न किसी रूप में उक्त जिले के वरीय पुलिस पदाधिकारी की संलिप्तता सामने आ सकती है।पारिवारिक कारणो से छुट्टी के माँगने पर भी वरीय पदाधिकारी समय पर छुट्टी नही देते है। बेवजह भाषा का उच्चारण अपने अधीनस्थ से अच्छे से नही कर रहे है।बेवजह काम का प्रेशर देते रहते है।और आफिस में बैठकर फ़रमान जारी करते रहते है।बल्कि उनको एक अभिभावक का रोल आद्दा करना चाहिए।वेलफ़ेयर-उनकी समस्या को पूछना देखना चाहिए…।इसका घोर अभाव किसी-किसी ज़िला में देखने को मिल रहा है।कई जिले के एसपी काफ़ी अच्छे भी है।पूरे जिले के पुलिस को अपना परिवार समझते हुए उनकी समस्याओ का निपटारा करते है।उनसे अन्य जिले का एसपी को सिख लेना चाहिए… 

बिहार के मुजफ्फरपुर जिला पुलिस बल में तैनात दारोगा आत्महत्या मामले में मृतक दारोगा की पत्नी कल्याणी देवी ने बेहद गंभीर आरोप मुजफ्फरपुर के पुलिस कप्तान पर लगाया है।दारोगा की पत्नी ने मुजफ्फरपुर के एसएसपी विवेक कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है की एक थाने का थानेदार बनने की कीमत दस लाख रूपये तय की जाती है और नहीं देने पर तबादला कर दिया जाता है और साजिश कर हत्या कर दी जाती है।इस आरोप पर अब तक पुलिस महकमे के किसी वरीय अधिकारी का बयान नहीं आया है।वहीं पटना पुलिस मुख्यालय ने इस मामले की सीआईडी से जांच कराने का फैसला लिया है।इस मामले में एडीजी एसके सिंघल ने मीडिया को बताया कि जांच के लिए एफएसएल की टीम मुजफ्फरपुर पहुंच गई है।हर पहलू पर जांच की जा रही है।मृतक दारोगा की पत्नी ने सिवान जिला के दरौली थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है,जिसमें बड़ा खुलासा करते हुए लिखा है कि मेरे पति ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उनकी साजिश के तहत हत्या हुई है।प्राथमिकी  में लिखा है कि मेरे पति की मृत्यु की सूचना मुझे और मेरे घरवालों को फ़ोन पर दी गई।हम सबको मुजफ्फरपुर पुलिस लाइन बुलाया गया।हमारे वहां पहुंचने पर पुलिस अधिकारियों ने यह भी नहीं बताया कि मेरे पति की मौत कैसे हुई और बिना किसी परिजन की सहमति के ही शव का पोस्टमार्टम कैसे करा दिया गया।पत्नी ने आगे कहा कि मेरे पति को कोई पारिवारिक तनाव नहीं था।वो खुशमिजाज इंसान थे।इससे पहले भी उन्हें साजिश के तहत फंसाने की कोशिश वैशाली जिला के सहदेई बुज़ुर्ग थाना प्रभारी  के पद पर रहते समय की गई थी।वैशाली जिला पुलिस बल में रहते हुए उन्होंने शराब माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया था।तब उनकी गाड़ी में शराब रखकर उन्हें देसरी थानाक्षेत्र में फंसाने की और उनकी हत्या की कोशिश की गई थी।अपने बयान में कल्याणी देवी ने आगे कहा गया है कि मेरे पति ने मुझे बताया था कि हम छोटी जाति से आते हैं इसीलिए उच्चाधिकारी हमें अच्छी नजर से नहीं देखते हैं।मेरे साथ बहुत ही रूखा व्यवहार किया जाता है।मेरे पति का तबादला कुछ ही दिनों पहले वैशाली जिला पुलिस बल से मुजफ्फरपुर पुलिस बल के अहियापुर थाने में किया गया था।मेरे पति को थाना प्रभारी बनाने के लिए मुजफ्फरपुर एसपी ने 10 लाख रूपये की मांग की थी,जिसमें से 6.50 लाख रुपये उन्होंने चुका दिए थे।इसकी वजह से वहां के एसपी द्वारा उन्हें एक दिन के लिए गायघाट का थाना प्रभारी बनाया गया और पैसे का पूरा भुगतान नहीं करने की स्थिति में उन्हें हटा दिया गया।ये बातें मेरे पति ने मुझे बताई थीं।मेरे पति का तबादला मुजफ्फरपुर कर दिया गया लेकिन उन्हें अभी तक सर्विस रिवॉल्वर भी आवंटित नहीं किया गया था।ऐसे में बिना सर्विस रिवॉल्वर के ही एसआई को थानाप्रभारी कैसे बना दिया गया ? एेसी स्थिति में दूसरे स्टाफ की सर्विस रिवॉल्वर से आत्महत्या करने की घटना पूरी तरह विभाग के अधिकारियों की मनगढंत कहानी है।मालूम हो की मुजफ्फरपुर जिला अंतरगत कांटी थाने के पानापुर करियात ओपी में तैनात सीवान जिला के दरौली निवासी 2009 बैच के दारोगा संजय कुमार गौड़ ने रविवार को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।सोमवार को उनके घर सिवान पुलिस कप्तान पहुंचकर परिजनों से बात की।जिसके बाद मृतक दारोगा के शव का दाह संस्कार आज उनके पैतृक गांव में किया गया। 

रिपोर्ट-न्यूज़ रिपोटर 

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